नई दिल्ली: दुनिया में कोरोना को आए हुए एक साल से अधिक समय बीत चुका है लेकिन अभी भी लगातार संक्रमण फैल रहा है. इस बीच अब भारत सहित तमाम देशों में कोरोना वैक्सीन को लेकर तैयारियां जोरों पर है. सेंट्रल ड्रग्स स्टैंडर्ड कंट्रोल ऑर्गनाइजेशन (सीडीएससीओ) का एक विशेषज्ञ पैनल आज ऑक्सफोर्ड-एस्ट्राजेनेका वैक्सीन ‘सेशिल्ड’ और भारत बायोटेक के लिए सीरम इंस्टीट्यूट ऑफ इंडिया (SII) की वैक्सीन को आपातकालीन प्रयोग की मंजूरी देने के लिए बैठक करेगा. इस बात की पूरी उम्मीद है कि आज भारत को कोरोना वैक्सीन के प्रयोग का अप्रूवल मिल सकता है.Also Read - Omicron Update: राजस्थान के 9 Omicron संक्रमितों में नहीं दिखा कोई लक्षण, कॉन्टेक्ट ट्रेसिंग जारी

कोविड-19 संबंधी विशेषज्ञ समिति ने सीरम इंस्टीट्यूट ऑफ इंडिया और भारत बायोटेक द्वारा सौंपे गए अतिरिक्त विवरण का विश्लेषण किया। स्वास्थ्य मंत्रालय ने बुधवार को एक बयान में कहा कि समिति ने टीकों के आपात इस्तेमाल की अनुमति देने के सीरम इंस्टीट्यूट ऑफ इंडिया, फाइजर और भारत बायोटेक प्राइवेट लिमिटेड के आग्रह पर विचार करने के लिए आज दोपहर बाद बैठक की. Also Read - Omicron News: जानकार बता रहे ज्यादा संक्रामक लेकिन कम घातक, यहां शुरू हुआ Omicron का कम्यूनिटी ट्रांसमिशन

केंद्रीय औषधि मानक नियंत्रण संगठन (सीडीएससीओ) के विशेषज्ञों की समिति ने ऑक्सफोर्ड यूनिवर्सिटी के कोविड-19 टीके के आपात इस्तेमाल की अनुमति देने के सीरम इंस्टीट्यूट ऑफ इंडिया के आग्रह और ‘कोवैक्सीन’ के आपात इस्तेमाल को अनुमति देने के भारत बायोटेक के आग्रह पर विचार करने के लिए बुधवार को बैठक की थी. Also Read - Omicron को लेकर अमेरिकी राष्ट्रपति जो बाइडेन के सलाहकार फाउची ने कहा, चिंता की बात नहीं...

इधर सीरम इंस्टीट्यूट ऑफ इंडिया ने अपने कोरोनावायरस वैक्सीन के अनुमोदन के लिए ड्रग रेगुलेटर की 10 सदस्यीय सब्जेक्ट एक्सपर्ट कमेटी के समक्ष अपनी प्रेजेंटेशन पूरी कर ली है. एकआधिकारिक सूत्र ने कहा कि भारत बायोटेक जल्द ही अपने डेटा प्रेजेंटेशन को शुरू करेगा. सूत्रों ने बताया “सीरम इंस्टीट्यूट ऑफ इंडिया ने अपनी प्रेजेंटेशन पूरी कर ली है. भारत बायोटेक जल्द ही अपना डेटा पेश करना शुरू करेगा.”

केंद्रीय औषधि मानक नियंत्रण संगठन की सब्जेक्ट एक्सपर्ट कमेटी की एक महत्वपूर्ण बैठक वर्तमान में कोरोनोवायरस वैक्सीन कैंडीडेट के लिए सीरम इंस्टीट्यूट ऑफ इंडिया और भारत बायोटेक द्वारा मांगे गए आपातकालीन उपयोग ऑथराइजेशन पर मंजूरी के लिए चल रही है. पैनल के आज अनुमोदन पर फैसला करने की संभावना है.

एक्सपर्ट कमेटी ने बुधवार को दोनों फर्मों द्वारा प्रस्तुत अतिरिक्त डेटा और जानकारी का विश्लेषण किया था. एक बार जब समिति द्वारा टीके को मंजूरी मिल जाने पर, एप्लिकेशन ड्रग्स कंट्रोलर जनरल ऑफ इंडिया (डीसीजीआई) वी.जी. सोमानी की स्वीकृति के लिए भेजा जाएगा.

सीरम इंस्टीट्यूट ऑफ इंडिया ने क्लिनिकल परीक्षण और ‘कोविशिल्ड’ के निर्माण के लिए ऑक्सफोर्ड-एस्ट्राजेनेका के साथ भागीदारी की है, जबकि भारत बायोटेक ने इंडियन काउंसिल ऑफ मेडिकल रिसर्च (आईसीएमआर) के साथ मिलकर ‘कोवैक्सीन’ बनाया है.

अमेरिका के फाइजर ने सबसे पहले 4 दिसंबर को त्वरित अनुमोदन के लिए आवेदन किया था, इसके बाद क्रमश: 6 और 7 दिसंबर को सीरम और भारत बायोटेक ने किया था. फाइजर ने हालांकि, डेटा पेश करने के लिए दो बार और समय मांगा. शुक्रवार को इसके द्वारा डेटा पेश किए जाने की संभावना है.

उल्लेखनीय है कि अरुणाचल प्रदेश में जनता दल-युनाइटेड (जदयू) के छह विधायकों के भाजपा में शामिल हो जाने के बाद राजद लगातार मौके की तलाश में है और नीतीश कुमार को महागठबंधन में आने का फॉमूर्ला भी दे रहा है.