Coronil Patanjali Medicine: कोरोना वायरस से संक्रमित मरीजों के उपचार का दावा करने वाली पतंजलि आयुर्वेद ने कहा है कि उसने कोरोनिल (Coronil) टैबलेट को लेकर कुछ भी गलत क्लेम नहीं किया है. पतंजलि आयुर्वेद ने पिछले दिनों यह कहा था कि उसने कोरोनिल टैबलेट बनाई है जो कोरोना वायरस से संक्रमित मरीज के इलाज में कारगर है. हालांकि इसके तुरंत बाद भारत सरकार ने इस टैबलेट की बिक्री पर रोक लगा दी और पतंजलि से डिलेट रिपोर्ट मांग ली. इसके बाद से आलोचनाओं को सामना कर रही योग गुरु रामदेव की कंपनी पतंजलि आयुर्वेद ने कहा है कि उसने कोई नियम नहीं तोड़ा है.Also Read - लंदन में खूब बिक रही बाबा रामदेव की इम्यूनिटी बूस्टर दवा Coronil, हो सकती है बड़ी कार्रवाई

कंपनी ने यह कहते हुए अपना बचाव किया कि उसने कोरोनिल टैबलेट सभी कानूनी नियमों का अनुपालन करते हुए बाजार में उतारी है और इस आयुर्वेदिक दवाई के लेबल पर कोई गैर कानूनी दावा नहीं किया गया है. Also Read - कोरोना की दवा बनाने से पलटी पतंजलि, कहा- हमने नहीं बनाई ऐसी कोई मेडिसीन

पतंजलि आयुर्वेद ने ट्वीट किया है, ‘इसमें भ्रम की कोई गुंजाइश नहीं है.’ कंपनी की तरफ से किए ट्वीट में पतंजलि के प्रवक्ता एसके तिजारावाला ने कहा, ‘दो चीजें साफ हैं —अश्वगंधा, गिलोय और तुलसी के औषधीय गुणों से संबंधित पारपंरिक ज्ञान और अनुभव के आधार पर दवाई बनाने का लाइसेंस लिया गया.’ Also Read - Coronil Controversy: उत्तराखंड सरकार का बयान- हमने नहीं दिया कोरोना की दवाई बनाने का लाइसेंस

उन्होंने कहा, ‘कोरोना मरीजों पर कानूनी रूप से किए गए क्लिनिकल परीक्षण के सकारात्मक परिणाम साझा किए गए.’

एक अन्य टवीट में कंपनी ने कहा कि दवा के लेबल पर कोई गैरकानूनी दावा नहीं किया गया है.

इसमें कहा गया है, ‘दवा का उत्पादन और उसकी बिक्री सरकार द्वारा बनाए गये नियमों के अनुसार ही की गयी, न कि किसी के व्यक्तिगत विश्वास या विचारधारा के आधार पर.’

ट्वीट में कहा गया है कि पतंजलि ने सभी वैधानिक पहलुओं का पालन किया है. इसमें लोगों से मामले पर अनावश्यक टिप्पणी करने से बचने का आग्रह भी किया गया है.

(इनपुट भाषा)