नई दिल्ली: प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने दिल्ली की एक अदालत को बताया कि कॉरपोरेट लॉबिस्ट दीपक तलवार पूर्व नागर विमानन मंत्री प्रफुल्ल पटेल के नियमित संपर्क में था. ईडी ने बताया कि दीपक तलवार विदेशी निजी एयरलाइंस के पक्ष में बातचीत करने के लिए बिचौलिए के रूप में कार्य करने के दौरान पटेल के नियमित संपर्क में था, जिससे एअर इंडिया को नुकसान हुआ था. निदेशालय ने गिरफ्तार किए जा चुके तलवार के खिलाफ दायर अपने आरोपपत्र में दावा किया कि उसने अमीरात और एयर अरबिया की ओर से पटेल के साथ की जाने वाली बातचीत को अंतिम रूप दिलाया. जांच एजेंसी ने अदालत से कहा, दीपक और पटेल के बीच ईमेल वार्तालाप सहित सबूत हैं.

विशेष न्यायाधीश अनुराधा शुक्ला भारद्वाज के समक्ष हाल में यह आरोपपत्र दाखिल किया गया था. विशेष न्यायाधीश ने अंतिम रिपोर्ट पर संज्ञान लिया और मामले में तलवार के पुत्र एवं सह आरोपी आदित्य तलवार के खिलाफ गैर-जमानती वारंट जारी किया. अदालत ने दीपक की जमानत याचिका भी खारिज कर दी और अब मामले की सुनवाई 9 मई को होगी.

आरोपपत्र के अनुसार जांच में खुलासा हुआ है कि दीपक ने अपने संपर्कों का इस्तेमाल करते हुए निजी एअरलाइंस के लिए अनुचित समर्थन हासिल किया. दीपक पर आपराधिक साजिश रचने, जालसाजी और विदेशी चंदा विनियमन कानून की विभिन्न धाराओं के तहत आरोप लगाए गए हैं.

उस पर आरोप है कि उसके एनजीओ को एंबुलेन्स और सामान खरीदने के लिए यूरोप की एक प्रमुख मिसाइल निर्माता कंपनी से मिले 90.72 करोड़ रुपए के विदेशी कोष का उपयोग अन्य कार्यों में किया गया. प्रवर्तन निदेशालय और सीबीआई ने दीपक तलवार के खिलाफ भ्रष्टाचार का मामला दर्ज किया है. आयकर विभाग ने उस पर कर चोरी का आरोप लगाया है.