चेन्नई: देश के नवीनतम संचार उपग्रह जीसैट-29 के प्रक्षेपण के लिए मंगलवार को 27 घंटे की उल्टी गिनती शुरू हो गयी. अपनी दूसरी उड़ान में जीएसएलवी-एमके 3 रॉकेट जीसैट-29 को भू स्थिर कक्षा में स्थापित करेगा.

इससे पहले चक्रवात गाजा के चेन्नई और श्रीहरिकोटा के बीच तट पार करने का अनुमान जताया गया था लेकिन इसमें बदलाव आ चुका है. भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (इसरो) ने कहा है कि शाम पांच बजकर आठ मिनट पर प्रक्षेपण का कार्यक्रम मौसम पर निर्भर है और अनुकूल परिस्थिति नहीं रहने पर इसे टाला जा सकता है.

जीसैट-29 उपग्रह उच्च क्षमता वाले का और कू-बैंड के ट्रांसपोंडरों से लैस है. इससे पूर्वोत्तर और जम्मू कश्मीर सहित देश के दूर-दराज के इलाकों में संचार जरूरतों को पूरा करने में मदद मिलेगी. इसरो ने कहा, ‘‘श्रीहरिकोटा (यहां से सौ किलोमीटर से ज्यादा दूर) में जीएसएलवी-एमके 3 रॉकेट वाले जीसैट-29 के लिए उल्टी गिनती मंगलवार को दिन में दो बजकर 50 मिनट पर शुरू हुई. प्रक्षेपण 14 नवंबर को शाम पांच बजकर आठ बजे निर्धारित है.’’

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इसरो के अध्यक्ष के सिवन ने कहा कि मौसम के अनुकूल नहीं रहने पर प्रक्षेपण टाला जा सकता है. तिरूमला में भगवान वेंकटेश्वर मंदिर में पूजा के बाद उन्होंने संवाददाताओं से कहा, ‘‘लेकिन, हमें उम्मीद है कि कल शाम तक प्रक्षेपण होगा.’’

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मौसम विभाग ने 11 नवंबर को कहा था कि चक्रवात गाजा के 15 नवंबर को उत्तरी तमिलनाडु और दक्षिण आंध्रप्रदेश तट के बीच कुड्डालोर और श्रीहरिकोटा पार करने का अनुमान है. हालांकि, चक्रवात के मार्ग में बदलाव आया और मंगलवार को श्रीहरिकोटा से बहुत दूर कुड्डालोर और पामबन के बीच तमिलनाडु तट पार करने की संभावना है.