नई दिल्ली. पांच राज्यों में संपन्न हुए विधानसभा चुनावों के बाद मंगलवार की सुबह 8 बजे काउंटिंग शुरू हो गई है. इलेक्ट्रोनिक वोटिंग मशीनों (ई‍वीएम) पर सबकी नजर बनी हुई है. इन चुनावों में इस्तेमाल की गईं 1 लाख 74 हजार ईवीएम में 8500 से ज्यादा उम्मीदवारों की किस्मत कैद है.

ये इलेक्ट्रोनिक वोटिंग मशीनें इस समय राजस्थान, मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़, मिजोरम और तेलंगाना के 670 अतिसुरक्षित कक्षों में रखी गई थीं. इन चुनावों में कुल 1 लाख 74 हजार 724 ईवीएम का इस्तेमाल किया गया. सबसे ज्यादा 65 हजार 367 मशीनें मध्य प्रदेश में इस्तेमाल की गईं. कुल 8 हजार 500 उम्मीदवारों ने इन चुनावों में किस्मत आजमाई है जिसमें सबसे ज्यादा 2907 उम्मीदवार मध्य प्रदेश में हैं.

जनता को इंतजार करना पड़ेगा
फाइनल रिजल्ट के लिए इस बार जनता और प्रत्याशी दोनों को थोड़ा लंबा इंतजार करना पड़ेगा. चुनाव आयोग ने कांग्रेस की वो मांग मान ली है कि जिसमें हर राउंड के बाद रिजल्ट की जानकारी लिखित में देने की बात कही गई थी. शनिवार को चुनाव आयोग ने इस संबंध में आदेश जारी किया था.

कांग्रेस की थी ये मांग
चुनाव आयोग की ओर से कांग्रेस की इस मांग को माने जाने के बाद हर राउंड के रिजल्ट की घोषणा के बाद ही अगले दौर की गणना के लिए ईवीएम मशीनें स्ट्रांग रूम से निकाली जाएंगी. हर सीट पर 16 से 20 राउंड की गणना होती है. ऐसे में बीच में जो गैप आ रहा है उसकी वजह से फाइनल नतीजे आने में वक्त लग सकता है.

पहले डाकमत की की होगी गिनती
बता दें कि सबसे पहले डाक मत पत्रों की गणना की जाती है. मंगलवार सुबह 8 बजे से गणना वोटों की गिनती शुरू हो जाएगी. चुनाव आयोग ने निर्देश दिया है कि अगले राउंड की गिनती तब-तक शुरू नहीं होगी, जब तक पहले राउंड का रिजल्ट डिस्प्ले बोर्ड पर प्रदर्शित न कर दिया जाए. कांग्रेस ने हर राउंड के बाद उम्मीदवारों को सर्टिफिकेट दिए जाने की मांग केंद्रीय निर्वाचन आयोग से की थी.