न्यूयॉर्क: भारत ने सोमवार को यह सुनिश्चित करने की जरूरत पर बल दिया कि जलवायु परिवर्तन से लड़ने के लिए देशों को अपने संकल्प को गंभीरता से लेना चाहिए. संयुक्त राष्ट्र में भारत के स्थायी प्रतिनिधि टी. एस. त्रिमूर्ति ने कहा कि जलवायु परिवर्तन से लड़ने में भारत अपनी भूमिका निभा रहा है और दक्षिण-दक्षिण सहयोग की भावना के साथ काम कर रहा है. उन्होंने कहा, ‘‘हमें जलवायु परिवर्तन की हकीकत को तुरंत समझना चाहिए और सुनिश्चित करना चाहिए कि देश अपने संकल्पों को गंभीरता से लें और जलवायु परिवर्तन से लड़ने में अपनी प्रतिबद्धताओं और योगदान को पूरा करें.’’ Also Read - जयशंकर की चीन को दो टूक, 'एलएसी पर यथास्थिति में परिवर्तन का कोई भी एकतरफा प्रयास स्वीकार नहीं'

उन्होंने कहा, ‘‘भारत जलवायु परिवर्तन से लड़ने में अपनी भूमिका निभा रहा है और दक्षिण-दक्षिण सहयोग की भावना से काम कर रहा है.’’ त्रिमूर्ति ने एक वीडियो संदेश के माध्यम से पालाऊ वैश्विक गांव कांफ्रेंस में सुविधाओं के उद्घाटन के अवसर पर ‘‘ऐतिहासिक’’ संबोधन दिया. इसका उद्घाटन पालाऊ के राष्ट्रपति थॉमस रेमेनगेसाऊ ने किया. Also Read - कनाडा 401,000 नए प्रवासियों को स्वीकार करेगा, भारतीय होंगे सबसे बड़े लाभार्थी

इस सुविधा को बनाने में भारत ने पालाऊ के साथ भागीदारी निभाई. त्रिमूर्ति ने कहा कि भारत जलवायु परिवर्तन के प्रभावों से निबटने के लिए प्रतिबद्ध है और आवश्यक विकास एवं तकनीकी सहयोग के माध्यम से पालाऊ को अपने लक्ष्य हासिल करने में सहयोग देता रहेगा. 7-8 दिसंबर 2020.को पालाऊ में ओशन कांफ्रेंस होने जा रही है. Also Read - भारत ने Su-30MKI fighter से दागी ब्रह्मोस सुपरसोनिक क्रूज मिसाइल, जहाज को निशाना बनाया

(इनपुट भाषा)