कोलकाता: केंद्र सरकार की कथित “जनविरोधी” नीतियों के खिलाफ केंद्रीय मजदूर संघों द्वारा आहूत 48 घंटे की देशव्यापी हड़ताल के दौरान मंगलवार को पश्चिम बंगाल के कुछ हिस्सों में उपद्रव की छिटपुट घटनाएं सामने आई हैं. ट्रेड यूनियन की केंद्र से मांग है सरकारी कंपनियों का निजीकरण रोका जाए, न्यूनतम मजदूरी सुनिश्चित की जाए, सोशल सिक्यूरिटी स्कीम लागू की जाए इत्यादि. मजदूर संगठनों का कहना है कि सरकार की नीतियां पूरी तरह से जनविरोधी नीतियां हैं. हड़ताल के दौरान TMC और CPM के कार्यकर्ताओं के बीच झड़प की भी घटनाएं सामने आई हैं. गौरतलब है कि पश्चिम बंगाल की तृणमूल सरकार ने इस हड़ताल का समर्थन नहीं किया है.

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रिपोर्ट के मुताबिक़ उत्तर 24 परगना जिले में बारासात के चंपाडाली इलाके में एक स्कूल बस पर पथराव किया गया और हड़ताल समर्थकों ने एक सरकारी बस में भी तोड़फोड़ की. पश्चिम वर्द्धमान जिले के जमुरिया में प्रदर्शनकारियों ने एक बस में तोड़फोड़ की. राज्य के कुछ इलाकों में पुलिस और हड़ताल समर्थकों के बीच हाथा-पाई भी हुई. दक्षिण कोलकाता के जादवपुर इलाके में वरिष्ठ माकपा नेता सुजान चक्रवर्ती के साथ कई अन्य हड़ताल समर्थकों को पुलिस ने हिरासत में लिया. प्रदर्शनकारी ट्रेनों को रोकने के लिए कुछ स्थानों पर पटरियों पर बैठ गए और सड़कों पर टायर जलाए. माकपा सहित कई राजनीतिक दलों के नेता हड़ताल के समर्थन में सड़कों पर उतर आए. राज्य में तृणमूल कांग्रेस की सरकार ने हड़ताल का विरोध किया है. (इनपुट एजेंसी)

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