मुंबई. बंबई उच्च न्यायालय ने आज महाराष्ट्र सरकार से नाबालिग को अदालत आकर गवाही देने के बजाय उसकी गवाही की वीडियो रिकॉर्डिंग की संभावना पर विचार करने को कहा. न्यायमूर्ति नरेश पाटिल एवं न्यायमूर्ति जी एस कुलकर्णी की पीठ ने राज्य से कहा कि वह गवाही के लिये किसी बच्चे को अदालत बुलाने के बजाय ‘‘ प्रौद्योगिकी ’’ के इस्तेमाल और वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग जैसे तरीकों पर विचार करे. Also Read - ढाई साल की उम्र में करा दी थी शादी, 20 साल की हुई तो लड़के को पति को मानने से किया इनकार, अब...

महाधिवक्ता (एजी) आशुतोष कुम्भकोणी ने जब पीठ को यह सूचित किया कि राज्य सरकार समूचे राज्य में बच्चों के अनुकूल अदालत कक्ष बनाने की एक योजना तैयार कर रही है, इस पर पीठ ने यह टिप्पणी की. Also Read - दिल्ली के लिए ट्रेन एवं विमान सेवाएं बंद कर सकती है महाराष्ट्र सरकार, प्रधान सचिव का बड़ा बयान

अदालत समूचे महाराष्ट्र में बच्चों के अनुकूल अदालत के निर्माण के मुद्दे पर स्वत: संज्ञान लेते हुए सुनवाई कर रही थी. Also Read - ये जो सरकार महाराष्ट्र में है अपने बोझ से एक दिन चरमराएगी, उस दिन हम वैकल्‍पिक गवर्नमेंट देंगे: देवेंद्र फडणवीस