पठानकोट:  पंजाब की एक अदालत ने गुरुवार को जम्मू-कश्मीर के कठुआ जिले में आठ वर्षीय बच्ची के साथ बलात्कार के बाद निर्मम हत्या मामले में सात आरोपियों के खिलाफ आरोप तय किए. जिला एवं सत्र न्यायालय ने आठ आरोपियों में से सात के खिलाफ आरोप तय कर दिए हैं. सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बाद जम्मू-कश्मीर से पंजाब शिफ्ट हुई मामले की सुनवाई 31 मई से शुरू हुई थी.

इन सात आरोपियों को 31 मई को पठानकोट में शिफ्ट कर दिया गया था. इन आरोपियों में मामले का कथित मास्टरमाइंड सांजी राम, उसका बेटा विशाल जंगोत्रा, रसाना गांव का विशाल का मित्र, एक पुलिस सब-इंस्पेक्टर, एक हवलदार और दो विशेष पुलिस अधिकारी (एसपीओ) शामिल हैं. वहीं आठवां आरोपी एक नाबालिग है और उसके मामले की सुनवाई कठुआ में अलग से की जा रही है.

बच्ची के पिता की याचिका पर मुकदमे को पठानकोट शिफ्ट कर दिया गया था. सुप्रीम कोर्ट ने पठानकोट के जिला एवं सत्र न्यायाधीश को बिना किसी स्थगन के रोजाना बंद कमरे में सुनवाई करने का निर्देश दिया हुआ है. आरोप है कि आठ वर्षीय बच्ची का अपहरण कर उसे एक धार्मिक स्थान पर कैद करके रखा गया था. इस दौरान उसके साथ बार-बार दुष्कर्म किया गया और बाद में बेहद क्रूरता से उसकी हत्या कर दी गई थी.

कश्मीर में सत्तारूढ़ पीडीपी-भाजपा गठबंधन के दो वरिष्ठ मंत्रियों को आरोपियों के पक्ष में एक रैली में उनकी भागीदारी के बाद इस्तीफा देना पड़ा था.

-इनपुट एजेंसी