नई दिल्ली। दिल्ली हाई कोर्ट ने दिल्ली मेट्रो में किराये में बढ़ोतरी का विरोध करने और टिकट के दाम पर सब्सिडी देने की मांग करने वाली कांग्रेस नेता अजय माकन की अर्जी पर आम आदमी पार्टी (आप) सरकार और डीएमआरसी से बृहस्पतिवार को जवाब मांगा. बताया जा रहा है कि मेट्रो के किराये में बढ़ोतरी के बाद से यात्रियों की संख्या में खासी कमी आई है. Also Read - 10 लाख लोगों को मुफ्त भोजन कराएगी दिल्ली सरकार, बुधवार से नियम लागू

करीब तीन लाख यात्री घटे Also Read - केजरीवाल ने लोगों को गीता पाठ करने की दी सलाह, कहा- गीता के 18 अध्याय की तरह लॉकडाउन के बचे हैं 18 दिन 

प्रधान न्यायाधीश न्यायमूर्ति राजेंद्र मेनन और न्यायमूर्ति वी के राव की पीठ ने आप सरकार और दिल्ली मेट्रो रेल निगम (डीएमआरसी) को नोटिस जारी किया और उनसे इस अर्जी पर अपना रुख बताने को कहा. अर्जी में आरोप लगाया गया है कि पिछले साल मई में मेट्रो के किराये में वृद्धि करने से करीब तीन लाख यात्री घट गए. Also Read - कोरोना का असर: DMRC की नई गाइडलाइंस, दिल्‍ली में सिर्फ 6 घंटे चलेगी मेट्रो

दिल्ली मेट्रो दुनिया की दूसरे सबसे महंगी मेट्रो सेवा, यात्रियों की तादाद भी घटी

माकन द्वारा उठाये गये किराये में बेतहाशा वृद्धि के मुद्दे के अलावा अदालत ने दिल्ली सरकार से अतिरिक्त बसों के लिए मल्टी पार्किंग के निर्माण के संबंध में भी जवाब मांगा जिसे दिल्ली परिवहन निगम (डीटीसी) खरीदना चाहती है.

माकन के वकील विकास सिंह और अमन पंवारने अदालत से कहा कि अक्तूबर, 2017 में किराये में की गई बढ़ोतरी के बाद दिल्ली मेट्रो दुनिया में दूसरी सबसे महंगी मेट्रो सेवा बन गयी है जिससे उसका उद्देश्य ही पराजित हो गया है. बता दें कि सीएसई ने भी अपनी रिपोर्ट में बताया था कि हनोई मेट्रो के बाद दिल्ली मेट्रो सबसे महंगी मेट्रो बन गई है जिसके चलते यात्रियों की संख्या में भी गिरावट आई है.