National Herald case: दिल्ली उच्च न्यायालय ने नेशनल हेराल्ड मामले में निचली अदालत में सुनवाई पर रोक लगाते हुए सोमवार को मामले में आरोपी कांग्रेस प्रमुख सोनिया गांधी, कांग्रेस नेता राहुल गांधी और अन्य से भाजपा सांसद सुब्रह्मण्यम स्वामी की याचिका पर जवाब मांगा.Also Read - टेस्ट टीम की कप्तानी छोड़ने पर विराट कोहली के लिए राहुल गांधी ने क्या कहा, किया ये ट्वीट

भाजपा सांसद सुब्रह्मण्यम स्वामी ने नेशनल हेराल्ड मामले में निचली अदालत के 11 फरवरी के फैसले को दिल्ली उच्च न्यायालय में चुनौती दी है. निचली अदालत ने उनकी याचिका में पेश किए गए प्रमुख साक्ष्यों के आधार पर कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी, उनके बेटे राहुल गांधी एवं अन्य के खिलाफ मुकदमा चलाए जाने की अनुमति देने से इनकार कर दिया था. Also Read - Goa Assembly Election 2022: गोवा में TMC से गठबंधन करेगी कांग्रेस? अटकलों पर केसी वेणुगोपाल ने दी अहम जानकारी

न्यायमूर्ति सुरेश कैत ने सोनिया और राहुल गांधी, एआईसीसी महासचिव ऑस्कर फर्नांडिस, सुमन दुबे, सैम पित्रोदा और ‘यंग इंडिया’ (वाईआई) से 12 अप्रैल तक स्वामी की याचिका पर जवाब देने को कहा और तब तक के लिए मामले की सुनवाई स्थगित कर दी. Also Read - Assembly Election 2022: राहुल गांधी ने कहा- इन चुनावों में नफरत को हराने का सही मौका; BJP के संबित पात्रा ने किया पलटवार

भाजपा सांसद की ओर से पेश वकील सत्या सभरवाल और गांधी परिवार तथा अन्य की ओर से पेश वकील तरन्नुम चीमा ने उच्च न्यायालय के नोटिस जारी करने और सुनवाई 12 अप्रैल तक स्थगित किये जाने की पुष्टि की.

निचली अदालत ने 11 फरवरी को मामले में गांधी परिवार और अन्य आरोपियों के खिलाफ मुकदमा चलाने के लिये साक्ष्य पेश करने की उनकी अर्जी को खारिज कर दिया था. अदालत ने कहा था कि मामले में उनका परीक्षण समाप्त होने के बाद साक्ष्य पेश करने के संबंध में सीआरपीसी की धारा 244 के तहत दायर स्वामी की याचिका पर विचार किया जाएगा.

निचली अदालत में सीआरपीसी की धारा 244 के अंतर्गत दायर आवेदन में स्वामी ने उच्चतम न्यायालय के महासचिव (रजिस्ट्री अधिकारी), भूमि एवं विकास उप अधिकारी और आयकर विभाग के एक उपायुक्त समेत कुछ गवाहों को समन भेजने का अनुरोध किया था.

भाजपा नेता ने निचली अदालत में दायर निजी आपराधिक शिकायत में सोनिया गांधी और राहुल गांधी के अलावा अन्य लोगों पर नेशनल हेराल्ड के जरिए धोखाधड़ी एवं अनुचित तरीके से धन प्राप्त करने की साजिश रचने का आरोप लगाया था.

दिल्ली की एक अदालत ने कांग्रेस नेता मोतीलाल वोरा के निधन के बाद नेशनल हेराल्ड मामले में उनके खिलाफ आपराधिक कार्यवाही समाप्त कर दी थी. वोरा की 21 दिसंबर, 2020 को मृत्यु हो गई थी.

मामले में अन्य सभी सात आरोपियों सोनिया, राहुल गांधी, कांग्रेस के वरिष्ठ नेताओं ऑस्कर फर्नांडीस, सुमन दुबे, सैम पित्रोदा, वोरा और यंग इंडियन (वाईआई) प्राइवेट लिमिटेड ने उनके खिलाफ लगाये गये आरोपों को खारिज किया है.

(इनपुट भाषा)