नयी दिल्ली: दिल्ली के उपमुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया के विशेष कार्याधिकारी (ओएसडी) गोपाल कृष्ण माधव ने शुक्रवार को एक अदालत में जमानत याचिका दायर की जबकि अदालत ने उन्हें 14 दिनों की न्यायिक हिरासत में भेज दिया. जमानत याचिका दाखिल करते हुए माधव ने आरोप लगाया कि रिश्वत मामले में सीबीआई उनके खिलाफ सबूत एकत्र करने में नाकाम रही और वह वरिष्ठ जीएसटी अधिकारियों को फंसाने के मकसद से सादे कागज पर हस्ताक्षर करने के लिए उन पर दबाव बना रही है. Also Read - दिल्‍ली की ऑक्‍सीजन की जरूरत घटी, Deputy CM बोले- दूसरे राज्‍यों को दे सकते हैं सरप्‍लस

  Also Read - Centre vs Delhi Govt ON Vaccine: डिप्‍टी CM सिसोदिया बोले- दिल्‍ली में 100 वैक्‍सीनेशन सेंटर बंद करने पड़े

माधव को सीबीआई हिरासत अवधि समाप्त होने के बाद शुक्रवार को विशेष न्यायाधीश संतोष स्नेही मान के समक्ष पेश किया गया. अदालत ने उन्हें 14 दिनों के लिए न्यायिक हिरासत में भेज दिया. अदालत उनकी जमानत याचिका पर 15 फरवरी को सुनवाई करेगी. अदालत ने मामले में सह-आरोपी धीरज गुप्ता को भी 28 फरवरी तक के लिए न्यायिक हिरासत में भेज दिया. सीबीआई के अनुसार दिल्ली सरकार के जीएसटी विभाग में नियुक्त माधव को एक बिचौलए से मिली जानकारी के आधार पर गिरफ्तार किया गया था.

दायर की जमानत याचिका
माधव ने वकील एस एस पांडेय के जरिए जमानत याचिका दायर की. माधव ने शिक्षा विभाग में 2003 में मुख्य लिपिक के रूप में सेवा आरंभ की थी और वह 2015 से सिसोदिया के कार्यालय में ओएसडी के रूप में पदस्थ था.