नई दिल्ली: सुप्रीम कोर्ट में कर्नाटक प्रकरण पर सुनवाई के दौरान व्याप्त तनावपूर्ण माहौल के बीच उस समय जोरदार ठहाके लगे जब न्यायमूर्ति ए के सिकरी ने सोशल मीडिया पर चल रहे एक मजाक का जिक्र किया. इसमें एक रिसॉर्ट के मालिक, जहां कांग्रेस-जद (एस) के विधायक रुके हैं, ने भी सरकार बनाने का दावा करते हुए कहा है कि उसके पास 117 विधायक हैं. न्यायमूर्ति सिकरी द्वारा सोशल मीडिया के इस मजाक का जिक्र करते ही उनके न्यायालय में उपस्थित वकीलों, पत्रकारों और दर्शक दीर्घा में उपस्थित लोगों की हंसी छूट गई.

न्यायमर्ति ए के सिकरी, न्यायमूर्ति एस ए बोबडे और न्यायमूर्ति अशोक भूषण की तीन सदस्यीय विशेष खंडपीठ कर्नाटक के घटनाक्रम में राज्यपाल के फैसले के खिलाफ कांग्रेस-जद (एस) की याचिका पर सुनवाई कर रही थी. न्यायमूर्ति सिकरी ने यह किस्सा उस समय सुनाया जब कर्नाटक के मुख्यमंत्री की ओर से पूर्व अटॉर्नी जनरल मुकुल रोहतगी पूरी तन्मयता के साथ बहस कर रहे थे. उनका कहना था कि सदन में शक्ति परीक्षण के लिये पर्याप्त समय दिया जाना चाहिए क्योंकि विधायकों को राज्य के अलग अलग हिस्सों से बेंगलुरू पहुंचना होगा.

इस मामले में सुनवाई के दौरान मुख्यमंत्री की ओर से मुकुल रोहतगी और कांगेस – जद (एसस) की ओर से अभिषेक मनु सिंघवी, कपिल सिब्बल और पी चिदंबरम मोर्चा संभाले थे और दोनों ही पक्ष अपने-अपने तरीके से दलीलें पेश कर रहे थे.

न्यायमूर्ति सिकरी निश्चित ही बेंगलुरू के ईगलटोन रिसॉर्ट में कांग्रेस और जद (एस) के विधायकों के ठहरे होने का जिक्र कर रहे थे.