In phase 3, if COVAXIN is effective enough to prevent the disease. Out of 1000 people recruited to give vaccine to 50% of them & placebo to others: भारत बायोटेक कोरोना वायरस संक्रमण को रोकने के लिए COVAXIN वैक्‍सीन का तीसरे चरण का ट्रायल करने की तैयारी में है. इसके ट्रायल के लिए 1000 लोगों को भर्ती किया गया है. चरण 3 में रिसर्चर्स देखेंगे कि बीमारी को रोकने के लिए COVAXIN पर्याप्त प्रभावी है या नहीं. इनमें से 50 फीसदी को COVAXIN वैक्‍सीन दी जाएगी और 50 फीसदी को प्लेसीबो का टीका दिया जाएगा. Also Read - Delhi Metro की कई लाइनों पर गुरुवार को सुबह से दोपहर 2 बजे तक सेवाएंं रहेंगी बाधित, पढ़ें डिटेल

भुवनेश्वर में COVAXIN परीक्षण के प्रधान अन्वेषक डॉ. ई वेंकट राव ने कहा, ” चरण 3 में हम देखेंगे कि बीमारी को रोकने के लिए COVAXIN पर्याप्त प्रभावी है या नहीं. भर्ती किए गए 1000 लोगों में से हम उनमें से 50% और दूसरों को प्लेसीबो का टीका देंगे. डॉ. इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल साइंसेज एंड एसयूएम हॉस्पिटल में पदस्‍थ हैं. Also Read - 26 साल के युवा डॉक्‍टर ने कोरोना के खिलाफ जंग में तोड़ा दम, अप्रैल में ज्‍वाइन की थी संविदा नौकरी

भारत बायोटेक ने स्वीकार किया है कि अगस्त में फेज 1 के परीक्षण के दौरान उसके कोरोनावायरस वैक्सीन कोवाक्सिन की प्रतिकूल घटना हुई थी जब एक मरीज को वैक्सीन उम्मीदवार की खुराक के साथ अस्पताल में भर्ती कराया गया था. हालांकि, बाद में फार्मा ने स्पष्ट किया कि इसने 24 घंटे के भीतर घटना की सूचना दी.

अगस्त 2020 के दौरान पहले फेज में ट्रायल के दौरान प्रतिकूल घटना हुई थी और इसकी घटना और पुष्टि के 24 घंटों के भीतर CDSCO-DCGI को सूचित की गई थी. प्रतिकूल घटना की गहन जांच की गई और वैक्सीन से संबंधित नहीं के रूप में निर्धारित किया गया, भारत बायोटेक ने यह एक बयान जारी किया था.