नई दिल्ली: कोरोनावायरस को रोकने के लिए देश में जारी 21 दिनों के लॉकडाउन को आगे बढ़ाए जाने के मद्देनजर सरकार ने रविवार को 15 विभिन्न उद्योगों को संचालन शुरू करने की अनुमति देने का फैसला किया है. सरकार ने ट्रकों, मरम्मत सेवाओं, और स्ट्रीट विक्रेताओं को लॉकडाउन से ‘सुगम निकास रणनीति’ के हिस्से के रूप में काम शुरू करने की अनुमति देने का फैसला किया. लॉकडाउन एग्जिट प्लान के हिस्से के रूप में, कई बड़े और छोटे पैमाने के सेक्टरों को भी काम करने की अनुमति दी गई है, लेकिन सोशल डिस्टेंसिंग मानदंडों को सुनिश्चित करने के लिए भी कहा गया है. केंद्र से ये प्रस्ताव लॉकडाउन समाप्त होने के दो दिन पहले आया है. Also Read - चीन को जवाब! मालाबार युद्धाभ्यास में अमेरिका और जापान के अलावा अब ऑस्ट्रेलिया भी होगा शामिल

रविवार को, सरकार ने स्पष्ट किया कि सभी नियोक्ता जिनकी संस्थाओं को काम करने की अनुमति है, उन्हें मजदूरों को ड्यूटी के लिए रिपोर्ट करने के लिए कहने की अनुमति दी जानी चाहिए. यदि मजदूर ड्यूटी के लिए रिपोर्ट नहीं करते हैं, तो बिना काम के कोई वेतन गारंटी नियोक्ता की जिम्मेदारी नहीं होगी. Also Read - कोल्ड चेन की कमी से दुनिया में तीन अरब लोगों तक कोरोना टीका पहुंचने में हो सकती है देर

इसके अलावा सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय ने टेलीविजन प्रसारणकर्ताओं, डीटीएच और केबल ऑपरेटरों से कहा है कि कोविड-19 महामारी के कारण बने संकट के समय दर्शकों के हितों को ध्यान में रखते हुए वे अपनी सेवाएं निर्बाध जारी रखें. मंत्रालय ने इन सभी सेवा प्रदाताओं को इस बाबत पत्र भेजा है. मंत्रालय ने कहा, ‘‘सभी संबंधित पक्षकार इस बात को मानेंगे कि इस महत्वपूर्ण समय में सूचना का निरंतर प्रवाह तथा लोगों को घरों में समाचार, प्रामाणिक सूचना और मनोरंजन के कार्यक्रमों के साथ व्यस्त रखना सर्वोपरि महत्व का काम है.’’ Also Read - कोरोना को मात देने के बाद जेनेलिया ने संक्रमण से बचने का बताया एकमात्र तरीका, कहा- अब मुश्किल...

बता दें कि इससे पहले उद्योग संवर्धन और आंतरिक व्यापार विभाग (डीपीआईआईटी) ने गृह मंत्रालय को सुझाव दिया है कि वह भारी इलेक्ट्रिकल्स और दूरसंचार उपकरण जैसे क्षेत्रों में एहतियाती उपायों के साथ सीमित स्तर पर काम शुरू करने की अनुमति दे. विभाग ने गृह सचिव अजय कुमार भल्ला को लिखे पत्र में कहा है कि आर्थिक स्थिति में सुधार और लोगों के हाथों में नकदी पहुंचाने के लिये ये गतिविधियां जरूरी हैं. पत्र में कहा गया है, ‘‘केंद्र सरकार अगर लॉकडाउन (बंद) की अवधि बढ़ाने और उसकी प्रकृति के बारे में कोई अंतिम निर्णय करती है, तो उपयुक्त सुरक्षात्मक उपायों के साथ कुछ और गतिविधियों को अनुमति दी जानी चाहिए.’’

विभिन्न राज्यों और उद्योग मंडलों के साथ विस्तृत बातचीत के बाद धीरे-धीरे लॉकडाउन से बाहर निकालने की योजना के तहत यह सुझाव दिया गया है. हालांकि गृह मंत्रालय ने अभी डीपीआईआईटी के इस पत्र का अभी जवाब नहीं दिया है. विभाग ने सुझाव दिया है कि जिन उद्योगों को कामकाज की अनुमति दी जा सकती है, उनमें एक ही जगह से कर्मचारियों का प्रवेश, सामाजिक दूरी बनाये रखने के लिये पर्याप्त जगह, कर्मचारियों को लाने-ले जाने के लिये अलग-अलग परिवहन व्यवस्था या कारखाना परिसरों में रहने के इंतजाम और परिसर में बेहतर साफ-सफाई की व्यवस्था की जानी चाहिए. राज्य और जिला प्राधिकरणों को इन गतिविधियों की अनुमति देते समय इन शर्तों का कड़ाई से पालन सुनिश्चित करना चाहिए.

बता दें कि देश में 21 दिनों का लॉकडाउन 14 अप्रैल को खत्म हो रहा है. हालांकि मीडिया रिपोर्ट्स की मानें तो आज पीएम मोदी लॉकडाउन को 30 अप्रैल तक बढ़ाने का फैसला कर सकते हैं.

(इनपुट भाषा)