नोएडा: कोरोना की जंग जितनी लंबी खींचती जा रही है, उतना ही कोरोना योद्धाओं का हौसला बढ़ता जा रहा है. कोरोना योद्धाओं में कुछ लोग ऐसे भी हैं, जो परेशानियों का सामना करते हुए देश के प्रति अपना फर्ज निभा रहे हैं और यह कोई और नहीं बल्कि जिले की वो आंगनबाड़ी कार्यकर्ता हैं, जो सुबह होते ही कोरोना संक्रमित इलाकों में जाकर लोगों का स्वास्थ्य परीक्षण कर रही हैं और शाम होते ही अपने घर की देखभाल भी कर रही हैं. जिला कार्यक्रम अधिकारी (डीपीओ) पूनम तिवारी ने आईएएनएस को बताया, “रोजाना 500 से 600 आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं की ड्यूटी कोरोना संक्रमित इलाकों में लगाई जा रही है, हमने सभी आंगनबाड़ी महिलाओं को मास्क और सैनिटाइजर दिया हुआ है और उन सभी को ऑनलाइन कोरोना से बचाव की जानकारी भी दी हुई है कि किस तरह इस वायरस के खिलाफ लड़ाई लड़नी है और किस तरह अपनी सुरक्षा का ख्याल रखा जाये.” Also Read - कोरोना टेस्ट होने तक पायल घोष रहेंगी आइसोलेट, रामदास अठावले की मौजूदगी में पार्टी में हुई थीं शामिल

एक आंगनवाड़ी कार्यकर्ता पूनम शर्मा ने आईएएनएस को बताया, “शुरुआत में जिस वक्त यह वायरस आया था, उस वक्त परिवार के सदस्य बहुत घबरा रहे थे. उनका कहना था कि अगर आपको कोरोना हो गया तो आप की देखभाल कौन करेगा, लेकिन हमने हार नहीं मानी और हमारे अधिकारियों ने हमें समझाया और हमें हर वह चीज बताई, जिससे हमारा मनोबल बढ़े. उन्होंने हमें बताया कि इस वायरस के खिलाफ कैसे लड़ाई लड़नी है. इसकी जानकारी भी दी गई, कैसे अब खुद को बचा कर रखना है.” Also Read - ज्यादा समय तक वायु प्रदूषण का सामना करने वाले होशियार, कोरोना से मौत का खतरा बढ़ा

एक दूसरी आंगनबाड़ी महिला रमिता ने बताया, “हमारी डीपीओ मैडम ने हमारी बहुत मदद की. जाहिर सी बात है कि अगर हम ही घर में बैठ जाएंगे तो फिर देश में मदद का हाथ कौन बढ़ायेगा, हम नोएडा के लगभग हर क्षेत्रों में गए. हमें काफी परेशानियां उठानी पड़ी, लोग हमसे सही से बात नहीं करते थे, हमें जानकारी नहीं देते थे,लेकिन धीरे-धीरे जब लोगों को इस बीमारी के बारे में पता लगा तो उनके मन में हमारे प्रति संवेदनाएं आना शुरू हो गई, जिसके बाद हमसे बहुत अच्छे से लोग बात करते थे और जानकारी भी पूरी देते थे. Also Read - कोरोना के चलते काली हो गई थी चीन के इस डॉक्टर की त्वचा, अब नॉर्मल होकर लौटा; साथी गंवा चुका है जान