भुवनेश्वर: देश में बढ़ रहे कोरोना वायरस संक्रमण के खिलाफ लड़ाई लड़ रहे कई जगह डॉक्‍टर और नर्सें व मेडिकल स्‍टॉफ भी चपेट में आ रहे हैं. इसकी क्रम में ओडिशा में कोविड-19 अस्पतालों में डॉक्टरों, नर्सों और सभी स्वास्थ्य सेवा प्रदाताओं को मरीजों की देखभाल करने के बाद 14 दिनों के लिए पृथक रखा गया है. बता दें कि ओडिशा में अभी तक कोरोना वायरस के 60 मामले सामने आए हैं. Also Read - कोविड वैक्सीन के लाभार्थियों की पहचान का काम हुआ शुरू, इन्हें मिलेगी सबसे पहले Coronavirus Vaccine

विकास आयुक्त एस सी मोहापात्र ने गुरुवार को बताया कि कोरोना वायरस मरीजों के इलाज के लिए चिह्नित अस्पतालों में स्वास्थ्यकर्मियों की सुरक्षा का प्रबंध किया गया है और इस वायरस के संदिग्ध या पुष्ट मरीजों की देखभाल कर रहे कर्मियों को निजी सुरक्षा उपकरण (पीपीई) दिए गए हैं. Also Read - Covid 19 Long Term Effects: शोध में हुआ खुलासा, कोरोना से उबर चुके लोगों को दिख रहे हैं ड्रिप्रेशन और थकान जैसे गंभीर लक्षण

विकास आयुक्त ने बताया, अभी राज्य में कोविड-19 के इलाज के लिए 24 अस्पताल हैं. 11 और अस्पताल चिह्नित किए जाएंगे और ये 20 अप्रैल से काम शुरू करेंगे. डॉक्टर, नर्स एक महीने में 15 दिन काम कर रहे हैं और उनके रहने की व्यवस्था की गई है. उनके भोजन और अन्य आवश्यकताओं का भी ध्यान रखा गया है. Also Read - Viral Video: ना दो गज की दूरी- ना मास्क, साड़ी की दुकान पर भारी भीड़, IPS बोले- यहां तो कोरोना भी घुसने से डरेगा...

आयुक्‍त ने बताया, 14 या 15 दिन काम करने के बाद उन्हें फिर से सेवाएं देने से पहले इतने ही समय के लिए पृथक रखा जा रहा है. मोहापात्रा ने बताया कि सभी स्वास्थ्य देखभाल सेवा प्रदाताओं को घर नहीं लौटने या इस अवधि के दौरान अपने परिवार के सदस्यों के संपर्क में नहीं आने के लिए कहा गया है.

विकास आयुक्त ने कहा, अस्पताल कर्मचारियों के लिए होटलों और हॉस्टलों में रहने की व्यवस्था की गई है. उनके लिए अन्य केंद्र भी बनाए जा रहे हैं. इन पेशेवरों को कोविड-19 के मरीजों से निपटने के लिए विशेष प्रशिक्षण दिया गया है.