नई दिल्ली: केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह राष्ट्रीय राजधानी में कोविड-19 की स्थिति पर चर्चा के लिये रविवार यानी आज दिल्ली के उप-राज्यपाल अनिल बैजल और मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल व अन्य के साथ बैठक करेंगे. यह बैठक कोरोना वायरस संक्रमण के बढ़ते मामलों के मद्देनजर बुलाई गई है. इसके अलावा वह अलग से दिल्ली के तीनों नगर निगमों और निगम आयुक्तों के साथ भी एक बैठक करेंगे. यह बैठक दिल्ली में कोरोना वायरस के लगातार बढ़ते मामलों के मद्देनजर बुलाई गई है. दिल्ली में संक्रमण के 36 हजार मामले सामने आ चुके हैं जबकि अब तक इस महामारी से राजधानी में 1200 से ज्यादा लोग अपनी जान गंवा चुके हैं. Also Read - भारत में कोविड-19 जांचों की संख्या एक करोड़ के पार, चीन से बहुत पीछे

शाह के कार्यालय की तरफ से किए गए ट्वीट में कहा गया, “गृह मंत्री अमित शाह और स्वास्थ्य मंत्री डॉ. हर्षवर्धन राष्ट्रीय राजधानी में कोविड-19 के संदर्भ में स्थिति की समीक्षा के लिये दिल्ली के उप- राज्यपाल, मुख्यमंत्री और एसडीएमए के सदस्यों के साथ कल, 14 जून को सुबह 11 बजे बैठक करेंगे. एम्स के निदेशक और अन्य वरिष्ठ अधिकारी भी इस दौरान मौजूद रहेंगे.” Also Read - Coronavirus in Thane: महाराष्ट्र में कोविड-19 का प्रकोप, ठाणे में संक्रमितों की संख्या 42,420 हुई, मृतकों की संख्या 1,268 पहुंची

इसके कुछ घंटों बाद गृहमंत्री के कार्यालय की तरफ से घोषणा की गई कि रविवार को ही दिल्ली के तीनों नगर निगमों- उत्तर, दक्षिण और पूर्वी – के महापौरों और शीर्ष अधिकारियों के साथ अलग से बैठक की जाएगी. कार्यालय की तरफ से किए गए ट्वीट में कहा गया, “केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह और केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री डॉ. हर्षवर्धन कल, 14 जून को शाम पांच बजे राजधानी में कोविड-19 की तैयारियों की समीक्षा के लिये दिल्ली नगर निगम के तीनों महापौरों के साथ बैठक करेंगे.” Also Read - दिल्‍ली में कोरोना के मामले एक लाख के पार, लेकिन घबराने की जरूरत नहीं: CM केजरीवाल

एक अन्य ट्वीट में कहा गया, “दिल्ली के उपराज्यपाल और दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल भी इस दौरान उपस्थित रहेंगे. इसके अलावा एम्स के निदेशक, तीनों नगर निगमों के आयुक्त और केंद्रीय गृह व स्वास्थ्य विभाग के वरिष्ठ अधिकारी भी मौजूद रहेंगे.” महाराष्ट्र और तमिलनाडु के बाद संक्रमण के मामले में दिल्ली देश में तीसरे स्थान पर है.

दिल्ली स्वास्थ्य विभाग के बुलेटिन के मुताबिक, राष्ट्रीय राजधानी में शनिवार को 2,134 नए मामले सामने आए, जिसके बाद यहां कुल संक्रमितों की संख्या 38,958 हो गई जबकि मौत के 57 नए मामलों के साथ ही मृतकों का आंकड़ा बढ़कर 1,271 हो गया. यह दूसरा दिन है जब एक ही रोज में संक्रमण के मामले दो हजार से अधिक पाए गए हैं. इससे पहले, शुक्रवार को 2,137 मामले सामने आए थे.

राजधानी में कोविड-19 की स्थिति से निपटने के तरीकों और अस्पतालों में मरीजों के लिये बिस्तरों की उपलब्धता नहीं होने व प्रयोगशालाओं में जांच में आ रही मुश्किलों को लेकर अलग-अलग वर्गों द्वारा आलोचना हो रही है. उच्चतम न्यायालय ने शुक्रवार को शहर की सरकार को आड़े हाथों लेते हुए कहा कि दिल्ली की अस्पतालों की स्थिति बेहद “भयावह” है और कोविड-19 मरीजों के पास शव रखे दिख रहे हैं.

न्यायालय की टिप्पणी के बाद अरविंद केजरीवाल के नेतृत्व वाली दिल्ली सरकार ने कहा कि वह पूरे सम्मान और ईमानदारी के साथ उच्चतम न्यायालय की टिप्पणियों को स्वीकार करती है और दिल्ली सरकार सभी के लिए स्वास्थ्य सेवाएं मुहैया कराने और प्रत्येक कोविड-19 मरीज के लिए हरसंभव इलाज सुनिश्चित करने को प्रतिबद्ध है. बैजल ने भी कोविड-19 प्रबंधन योजना और राजधानी में चिकित्सा ढांचे को और सुदृढ़ बनाने पर सुझाव देने के लिये एक छह सदस्यीय समिति का गठन किया है.

यह हाल में बैजल के दिल्ली सरकार के उस फैसले को पलटने के बाद आया है जिसमें कहा गया कि अस्पताल के बिस्तर और जांच सिर्फ दिल्ली वालों के लिये हैं और जांच भी उन मरीजों की होगी जिनमें लक्षण नजर आएंगे. बैजल की परामर्श समिति में आईसीएमआर के महानिदेशक डॉ. बलराम भार्गव, राष्ट्रीय आपदा प्रबंधन प्राधिकरण के सदस्य कृष्ण वत्स और कमल किशोर, अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (एम्स) के निदेशक रणदीप गुलेरिया, डीजीएचएस के अतिरिक्त डीडीजी डा. रवींद्रन और राष्ट्रीय रोग नियंत्रण केन्द्र के निदेशक सुरजीत कुमार सिंह शामिल हैं.

(इनपुट भाषा)