नई दिल्ली: विदेश मंत्री एस जयशंकर ने मंगलवार को वीडियो कॉन्फ्रेंस के जरिये आयोजित पांच प्रमुख देशों के ब्रिक्स समूह के विदेश मंत्रियों की बैठक में हिस्सा लिया जिसमें मुख्य रूप से कोरोना वायरस महामारी से निपटने में आपसी सहयोग को और अधिक गहरा बनाने पर जोर दिया गया. Also Read - Video: COVID19 से जंग जीतने वाले एक माह के मासूम को मुंबई के अस्‍पताल ने ऐसे दी विदाई

ब्रिक्स (ब्राजील-रूस-भारत-चीन-दक्षिण अफ्रीका) एक प्रभावशाली समूह है जो 3.6 अरब लोगों का प्रतिनिधित्व करता है. इस समूह का कुल जीडीपी 16 हजार 600 अरब डालर है. ब्रिक्स समूह के सभी देश अभी कोरोना वायरस महामारी से प्रभावित हैं. Also Read - भारत-चीन के बीच सीमा विवाद पर यूएस मध्‍यस्‍थता करने को तैयार है: डोनाल्‍ड ट्रंप

अधिकारियों ने बताया कि विदेश मंत्रियों ने कोरोना वायरस के संक्रमण के प्रसार पर रोक लगाने के लिये सहयोग बढ़ाने के रास्तों और आर्थिक विकास को बहाल करने की चुनौतियों पर चर्चा की. बैठक में चीन के विदेश मंत्री वांग यी, रूस के विदेश मंत्री सर्गेई लावरोव और ब्राजील के विदेश मंत्री अर्नेस्टो अराउजोवेरे ने हिस्सा लिया. Also Read - चीन से तनाव पर कानून मंत्री रविशंकर प्रसाद का बयान- 'नरेंद्र मोदी के भारत को कोई आंख नहीं दिखा सकता'

भारतीय विदेश मंत्रालय ने अपने बयान में कहा, “विदेश मंत्री ने Covid-19 के मद्देनजर भारत द्वारा शुरू की गई पहल पर प्रकाश डाला, जिसमें आरोग्य सेतु सिटीजन ऐप और प्रधानमंत्री गरीब कल्याण पैकेज शामिल हैं. उन्होंने इस बात पर भी प्रकाश डाला कि WHO द्वारा COVID-19 को अंतरराष्ट्रीय संकट का सार्वजनिक स्वास्थ्य आपातकाल घोषित किया गया था, भारत ने उससे काफी पहले ही इसे जाँचने के लिए उपाय शुरू कर दिए थे.”

मंत्रालय ने आगे कहा कि EAM ने ब्रिक्स विदेश मंत्रियों को दक्षिण एशिया में COVID-19, और SAARC देशों द्वारा COVID-19 आपातकालीन प्रतिक्रिया कोष के निर्माण के प्रयासों के समन्वय की पहल के बारे में अवगत कराया.

विदेश मंत्रालय के बयान में आगे कहा, “भारत अफ्रीका के कई देशों सहित, लगभग 85 देशों को अनुदान सहायता के तहत महामारी के खिलाफ उनकी जंग में समर्थन करने के लिए फार्मा सहायता प्रदान कर रहा है. इसका व्यापक स्वागत किया गया है.”

बता दें कि स्वास्थ्य मंत्रालय के आंकड़े के अनुसार, महाराष्ट्र इस महामारी से सबसे ज्यादा प्रभावित राज्य है, जहां कुल मामलों की संख्या 8,590 है, जिसके बाद गुजरात 3,548 और दिल्ली में 3,108 मामले हैं. इन तीनों राज्यों के अलावा, जिन राज्यों में मामले 1500 से ज्यादा हैं, वे मध्य प्रदेश (2,368), राजस्थान (2,262), तमिलनाडु (1,937) और उत्तर प्रदेश (2,043) हैं.