Covid-19 in India: सीरम इंस्टीट्यूट ऑफ इडिंया (SII) ने राज्यों के लिए कोविशील्ड वैक्सीन (Covishield Vaccine) की कीमत में कटौती का ऐलान किया है. बुधवार (28 अप्रैल, 2021) को कंपनी के सीईओ अदार पूनावाला (Adar poonawalla) ने ट्वीट कर इसकी जानकारी दी. उन्होंने कहा- सीरम इंस्टीट्यूट ऑफ इंडिया की तरफ से राज्यों को दी जाने वाली वैक्सीन की कीमत 400 रुपए से घटाकर 300 रुपए प्रति डोज करता हूं. नई कीमत तत्काल प्रभाव से लागू होगी. इससे राज्यों को हजारों करोड़ रुपए की बचत होगी. इससे और ज्यादा लोगों को टीका लग पाएगा और अनगिनत जिंदगियां बचाई जा सकेंगी.Also Read - भारत में आएगी कोरोना की चौथी लहर? इस आईआईटी प्रोफेसर ने किया है ये दावा-जानिए क्या कहा

मालूम हो कि सीरम इंस्टीट्यूट ऑफ इंडिया ऑक्सफोर्ड-एस्ट्राजेनेका की वैक्सीन का उत्पादन कर रही है. कंपनी केंद्र और राज्यों सरकार को अलग-अलग कीमत पर टीके की दर तय कर निशानी पर थी. इसने टीके की दर केंद्र के लिए 150 रुपए प्रति डोज और राज्यों के लिए 400 रुपए तय की थी. वहीं निजी हॉस्पिटलों के लिए वैक्सीन की कीमत 600 रुपए तय की गई. हालांकि राज्यों के लिए प्रति डोज 100 रुपए की कटौती कुछ राहत दी गई है. Also Read - Covid 19 in India: देश में बढ़ रहा कोरोना का ग्राफ, दिल्ली में बढ़ रही कंटेनमेंट जोन्स की संख्या

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उल्लेखनीय है कि केंद्र और राज्य सरकारों के लिए कोविड-19 रोधी टीकों की अलग-अलग कीमतों को चुनौती देते हुए बॉम्बे हाईकोर्ट में एक जनहित याचिका दायर भी की गई है. इसमें सीरम इंस्टीट्यूट ऑफ इंडिया (एसएसआई) और भारत बायोटेक को टीका 150 रुपए प्रति खुराक की एक समान दर से बेचने का निर्देश देने का अनुरोध किया गया है. वकील फैजान खान और कानून के तीन छात्रों द्वारा 24 अप्रैल को दायर जनहित याचिका में कहा गया है कि टीके को एक आवश्यक वस्तु माना गया है और इसलिए इसका प्रबंधन तथा वितरण निजी कंपनियों के हाथों में नहीं छोड़ा जा सकता.

इसमें कहा गया है कि ये दिग्गज दवा कंपनियां कोविड-19 के कारण बढ़ी मृत्यु दर के डर को भुना रही हैं. जनहित याचिका में केंद्र सरकार द्वारा राज्य सरकारों को टीकों के लिए खुले बाजार में प्रतिस्पर्धा करने के लिए कहने के औचित्य पर भी सवाल उठाया गया है. इसमें कहा गया है, ‘केंद्र सरकार के साथ ही राज्य सरकार का किसी भी नागरिक के स्वास्थ्य की रक्षा करने का संवैधानिक दायित्व है और इसमें कोई भेदभाव नहीं किया जा सकता. राज्य सरकारों को केंद्र और निजी अस्पतालों से टीका खरीदने के लिए खुले बाजार में प्रतिस्पर्धा के लिए कहना सही नहीं है.

याचिका में हाईकोर्ट से कोविशील्ड के लिए एसआईआई और कोवैक्सीन के लिए भारत बायोटेक द्वारा घोषित कीमतों को रद्द करने का अनुरोध किया गया है. साथ ही इसमें सभी नागरिकों के लिए टीके की कीमत 150 रुपये तय करने का निर्देश देने का आग्रह भी किया गया है. यह याचिका तत्काल सुनवाई के लिए मुख्य न्यायाधीश दीपांकर दत्ता और न्यायमूर्ति जी एस कुलकर्णी की खंडपीठ के समक्ष पेश हो सकती है. (एजेंसी इनपुट सहित)