देहरादून: उत्तराखंड सरकार ने मंगलवार को जिला प्रशासनों को दिल्ली के निजामुद्दीन मरकज में शामिल होकर लौटे प्रदेश की लोगों की पहचान के निर्देश दिये. निजामुद्दीन में एक मार्च से 15 मार्च के बीच एक धार्मिक आयोजन में उत्तराखंड के भी कुछ लोगों के हिस्सा लेने की खबरों का संज्ञान लेते हुए राज्य सरकार ने सभी जिलों के जिलाधिकारियों और मुख्य चिकित्सा अधिकारियों को ऐसे लोगों की पहचान करने के आदेश दिये हैं . Also Read - कोरोना से उबरे गृह मंत्री अमित शाह, लोकसभा की कार्यवाही में भाग ले सकते हैं

यहां एक सरकारी प्रवक्ता ने बताया कि इन अधिकारियों से तबलीग ए जमात के प्रमुख लोगों से बात कर उन्हें अपने समुदाय के सदस्यों को समझाने को भी कहा गया है ताकि वे स्वयं सामने आकर मरकज में शामिल होने के बारे में पुष्टि करें . Also Read - गर्लफ्रेंड के साथ समय बिताने के लिए कोरोना पॉजिटिव बता 'लापता' हो गया शख्स, पत्नी को हुआ शक और फिर...

इसके अलावा, एक महत्वपूर्ण फैसले में कोरोना वायरस के संदिग्ध मरीजों के इलाज के लिए सरकार ने प्रदेश के एक दर्जन से ज्यादा अस्पतालों को कोविड अस्पतालों के रूप में अधिसूचित कर दिया है . Also Read - 'हप्पू की उल्टन पल्टन' फेम हिमानी शिवपुरी को मिली अस्पताल से छुट्टी, COVID-19 से पीड़ित थीं अभिनेत्री

स्वास्थ्य सचिव नितेश झा द्वारा जारी अधिसूचना के अनुसार कोविड अस्पतालों के तौर पर काम करने वाले अस्पतालों में बागेश्वर, चंपावत, चमोली, पिथौरागढ, रूद्रप्रयाग, उधमसिंह नगर, टिहरी, उत्तरकाशी के जिला अस्पताल, अल्मोडा बेस अस्पताल, दून मेडिकल कालेज, हरिद्वार का मेला अस्पताल, हल्द्वानी का सुशीला तिवारी मेडिकल कालेज, नैनीताल में बीडी पांडे अस्पताल, कोटद्वार स्थित बेस अस्पताल और श्रीनगर मेडिकल कालेज शामिल हैं .