नई दिल्ली: नीति आयोग के सीईओ अमिताभ कांत की अध्यक्षता में एक समूह कोरोनावायरस संकट के खिलाफ लड़ाई के लिए अंतर्राष्ट्रीय संगठनों के साथ समन्वय कर रहा है, जिसमें संयुक्त राष्ट्र की एजेंसियां और विश्व बैंक के साथ-साथ निजी क्षेत्र भी शामिल हैं. इस समूह की स्थापना तीन सेट में समस्याओं के समाधान, प्रभावी समाधान और हितधारकों के लिए योजनाओं के निर्माण से संबंधित मुद्दों को संबोधित करने के लिए की गई है. जो कि – 1) संयुक्त राष्ट्र एजेंसियां, विश्व बैंक, एशियाई विकास बैंक, 2) सिविल सोसायटी संगठन और डेवलपमेंट पार्टनर्स और 3 ) उद्योग संघ – सीआईआई, फिक्की, एसोचैम, नासकॉम हैं. Also Read - IPL 2020: 'Bio-Bubble' का उल्लंघन करने पर खिलाड़ी होगा टूर्नामेंट से बाहर, भरना होगा 1 करोड़ का जुर्माना

एक आधिकारिक बयान में कहा गया है कि 30 मार्च और 3 अप्रैल के बीच उद्योग संघों, अंतर्राष्ट्रीय संगठनों और नागरिक समाज संगठनों के साथ छह बैठकें आयोजित की गईं. ये बैठकें उनके योगदान को लेकर प्रतिक्रिया के अलावा आने वाले हफ्तों के लिए उनकी योजनाओं और उनके द्वारा सामना किए जा रहे मुद्दों और उनकी अपेक्षाओं के बारे में थीं. उन्होंने कहा, “इन तीनों समूहों ने उन क्षेत्रों का उल्लेख किया है जहां उन्हें समर्थन की आवश्यकता है. उन्हें काम में तेजी लाने के लिए और अधिक प्रभावी प्रतिक्रिया और समन्वय के लिए अन्य सशक्त समूहों के संपर्क में भी रखा गया है.” Also Read - Alert: कोविड-19 से सबसे ज्यादा प्रभावित महिलाएं और बच्चे, करें बचाव...

इस समिति ने देश के विभिन्न हिस्सों में और विभिन्न समुदायों के साथ काम करने वाले 40 से अधिक प्रमुख नागरिक संगठनों और गैर-सरकारी संगठनों के साथ विस्ताकर से विचार-विमर्श भी किया है. समिति के सीईओ ने सभी मुख्य सचिवों को पत्र लिखा है कि वे जिला स्तर पर स्थानीय प्रशासन को निर्देश दें कि वे गैर सरकारी संगठनों और सीएसओ द्वारा उपलब्ध कराए गए भौतिक और मानव संसाधनों का उपयोग करें. Also Read - US Presidential Elections 2020: ट्रंप ने भारत में कोरोना संक्रमितों की संख्या की पर उठाए सवाल

(इनपुट आईएएनएस)