नई दिल्ली: भारत में कोरोना वायरस (Covid-19) संक्रमितों की संख्या सोमवार को 28 हजार के पार हो गई है. वहीं देश में कोरोना से मरने वालों की संख्या 886 हो गई. केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय के मुताबिक, पिछले 24 घंटों के दौरान देश में कोरोना वायरस के संक्रमण से अब तक सर्वाधिक, 60 लोगों मौत हुई है. जबकि इस अवधि में संक्रमण के 1463 नये मामले सामने आए हैं. मंत्रालय के अनुसार 21,132 लोग अब भी संक्रमण की चपेट में हैं और इनका विभिन्न अस्पतालों में इलाज चल रहा है. कुल 6,184 मरीजों को इलाज के बाद स्वस्थ होने पर अस्पताल से छुट्टी दी जा चुकी है. स्वस्थ हुये मरीजों का प्रतिशत 22.41 पर पहुंच गया है. Also Read - Unlock 1.0: राज्यों ने लॉकडाउन में और अधिक छूट देते हुए अलग-अलग दिशानिर्देश जारी किए; आज से चलेंगी 200 विशेष ट्रेनें

इस बीच रिपोर्ट्स आई हैं कि कोरोना वायरस के संक्रमण को फैलने से रोकने के लिए तीन मई तक लागू लॉकडाउन के बाद भी शिक्षण संस्थान, शॉपिंग मॉल, धार्मिक स्थल और सार्वजनिक परिवहन के बंद रहने की संभावना है. यह जानकारी अधिकारियों ने दी. इसका संकेत सोमवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और सभी राज्यों के मुख्यमंत्रियों की तीन घंटे तक चली बैठक में भी मिला. घटनाक्रमों की जानकारी रखने वाले अधिकारी ने बताया कि ग्रीन जोन के जिलों में सीमित संख्या में निजी वाहनों की आवाजाही की अनुमति दी जा सकती है लेकिन रेलगाड़ियों और हवाई सेवाओं की बहाली की हाल फिलहाल कोई संभावना नहीं है. Also Read - यूपी में 8 जून से खोले जाएंगे धार्मिक स्थल, होटल, रेस्तरां और शॉपिंग मॉल; जुलाई में खुलेंगे स्कूल

उन्होंने बताया कि इस बात की संभावना है कि मई के मध्य में कुछ स्थानों के लिए सीमित आधार पर रेल और हवाई सेवा शुरू की जा सकती है लेकिन यह कोविड-19 के हालात पर निर्भर करेगा. अधिकारी ने बताया कि स्कूल, कॉलेज, शॉपिंग मॉल, धार्मिक स्थल और सार्वजनिक परिवहन पर रोक आगे भी जारी रहने की संभावना है. तीन मई के बाद भी सार्वजनिक और सामाजिक कार्यक्रम में लोगों के एकत्र होने पर रोक जारी रहेगी. Also Read - आर्थिक गतिविधियों को बंद करने से पहले रूपरेखा तैयार करके समीक्षा करनी चाहिए थी : यामाहा

पीएम मोदी ने की मुख्यमंत्रियों के साथ मीटिंग
कोरोना वायरस की महमारी के खिलाफ रणनीति बनाने के लिए सोमवार को हुई बैठक के बाद अधिकारी ने बताया कि लॉकडाउन पर अंतिम फैसला इस सप्ताहांत लिया जाएगा. उल्लेखनीय है कि प्रधानमंत्री के साथ वीडियो कांफ्रेंसिंग के जरिये मुख्यमंत्रियों की बैठक में अपनी बात रखने वाले नौ मुख्यमंत्रियों में से पांच ने मजबूती के साथ तीन मई के बाद भी लॉकडाउन बढ़ाने का समर्थन किया जबकि कुछ ने कोविड-19 मुक्त जिलों में एहतियात के साथ ढील देने की वकालत की.

लॉकडाउन को बढ़ाने के पक्ष में दिखे ये राज्य
ओडिशा, गोवा, मेघालय और कुछ अन्य राज्य लॉकडाउन को कुछ और हफ्ते बढ़ाने के पक्ष में थे जबकि कुछ राज्यों ने ग्रीन जोन के रूप में चिह्नित जिलों में छूट देने की सलाह दी. ग्रीन जोन में उन जिलों को रखा गया है जहां पर गत 28 दिनों से कोई मामला सामने नहीं आया हैं हालांकि सभी मुख्यमंत्री इस पर सहमत थे की लॉकडाउन से बाहर निकलने की प्रक्रिया क्रमबद्ध और सभी एहतियाती उपायों के साथ होनी चाहिए. वहीं मीटिंग में प्रधानमंत्री ने बताया कि शुरुआत में ही लॉकडाउन घोषित करने से हजारों जिंदगियां बची है लेकिन भारत पर कोविड-19 का खतरा बना हुआ है. हालांकि सभी इस बात पर सहमत थे कि निरंतर सतर्कता बनाए रखने की जरूरत है.

सुबह मंत्रालय के अद्यतन डेटा के मुताबिक, देश में संक्रमण के सबसे अधिक 8,068 मामले महाराष्ट्र में हैं. इसके बाद गुजरात में 3,301, दिल्ली में 2,918, राजस्थान में 2,185, मध्य प्रदेश में 2,168, उत्तर प्रदेश में 1,995 और तमिलनाडु में 1,885 मामले हैं.

(इनपुट भाषा)