नई दिल्ली: देश में कोविड-19 से संक्रमित लोगों की संख्या में लगातार हो रही वृद्धि के बीच केन्द्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय ने शुक्रवार को कहा कि लोगों को अब ‘‘कोरोना वायरस के साथ जीना सीखना होगा.’’ गौरतलब है कि आज देश में कोरोना वायरस से अभी तक संक्रमित हुए लोगों की संख्या करीब 60,000 पहुंच गई है जबकि संक्रमण से मरने वालों की संख्या 1,900 से ज्यादा हो गई है. Also Read - Delhi-Gurugram Border: दिल्ली-गुरुग्राम सीमा पर पुलिस की चेकिंग शुरू, आखिर क्या होगा कल

स्वास्थ्य मंत्रालय ने शुक्रवार शाम की जिलेवार स्थिति की जानकारी देते हुए बताया कि देश के 216 जिले ऐसे हैं जिनमें कोरोना वायरस संक्रमण का अभी तक कोई मामला नहीं आया है, वहीं कई जिलों में हालात पहले से सुधरे हैं और वहां भी मामले आने बंद हो गए हैं. साथ ही मंत्रालय ने कोविड-19 से बचाव को ही इसके खिलाफ प्रभावी हथियार बताते हुए लोगों से कहा कि वे फिलहाल संक्रमण से बचाव के लिए अपनाए जाने वाले तौर-तरीकों को अब अपनी जीवन शैली का हिस्सा बना लें. Also Read - कोरोना वॉरियर: यह महिला अपने बचत के पैसे खर्च कर लखनऊ की गलियों को कर रही सैनिटाइज

महाराष्ट्र में आ सकती है सेना, लेकिन….
महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे ने माना कि वह अपने राज्य और विशेष रूप से मुंबई में वायरस संक्रमण की चेन को तोड़ने में असफल रहे हैं और जरूरत पड़ने पर वह राज्य में पुलिस बल को कुछ आराम देने के लिए केन्द्र सरकार से अतिरिक्त कर्मियों की मांग कर सकते हैं. हालांकि मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे ने राज्य को संबोधित करते हुए कहा कहा कि कोई परेशान न हो, मुंबई में सेना की तैनाती नहीं की जाएगी. Also Read - केजरीवाल सरकार की अस्पतालों को सख्त निर्देश- तीन महीने के लिए पर्याप्त पीपीई किट, ऑक्सीजन मास्क खरीदें

  • महाराष्ट्र में कोविड-19 के 731 नए मामले सामने आने के बाद राज्य में अभी तक वायरस से संक्रमित हुए लोगों की संख्या बढ़कर 19,063 पहुंच गई है. राज्य में संक्रमण से आज 37 लोगों की मौत होने के साथ ही कोविड-19 से मरने वालों की संख्या 731 हो गयी है.
  • मुंबई में अभी तक 11,967 लोग कोरोना वायरस से संक्रमित हुए हैं और 462 लोगों को संक्रमण से मौत हुई है. राज्य के स्वास्थ्य मंत्री राजेश टोपे का कहना है कि मुंबई में अगले 15-20 दिनों में संक्रमित लोगों की संख्या में तेजी से कमी आएगी.
  • गुजरात में पिछले 24 घंटे में कोविड-19 के 390 नए मामले सामने आने के बाद राज्य में संक्रमित लोगों की संख्या बढ़कर 7,403 हो गयी है. राज्य में अभी तक 449 लोगों की संक्रमण से मौत हुई है.
  • तमिलनाडु में कोविड-19 संक्रमण से तीन लोगों की मौत के बाद शुक्रवार को मृतकों की संख्या बढ़कर 40 हो गई. संक्रमण के करीब 600 नए मामले आने के साथ ही संक्रमित लोगों की संख्या बढ़कर 6,009 पहुंच गई है.
  • उत्तर प्रदेश में अभी तक कोरोना वायरस से कुल 3,214 लोग संक्रमित हुए हैं जिनमें से फिलहाल 1761 लोगों का अस्पतालों में इलाज चल रहा है. राज्य में अभी तक संक्रमण से 63 लोगों की मौत हुई है.
  • कर्नाटक में शुक्रवार को एक नवजात में संक्रमण समेत कोविड-19 के 48 मामले सामने आए जिसके बाद राज्य में संक्रमितों की संख्या बढ़कर 753 हो गई.
  • आंध्र प्रदेश में पिछले 24 घंटे में कोरोना वायरस संक्रमण के 54 नए मामले सामने आए हैं और संक्रमण से तीन लोगों की मौत हुई है. कोविड-19 बुलेटिन के अनुसार राज्य में कोरोना वायरस के कुल 1,887 मामले हैं और 41 लोगों की इससे मौत हुई है.
  • ओडिशा में हाल ही में सूरत से लौटे 26 लोग कोरोना वायरस से संक्रमित पाए गए हैं जिससे राज्य में इस संक्रामक रोग के कुल मामलों की संख्या बढ़कर 245 हो गई है.
  • केरल और हिमाचल प्रदेश में संक्रमण के एक-एक मामले आए हैं. दिल्ली के मंदिर मार्ग थाने में तैनात दिल्ली पुलिस के एक कांस्टेबल के कोरोना वायरस से संक्रमित होने की पुष्टि हुई है.

भारतीय अर्थव्यवस्था तो झटका
वहीं आर्थिक मोर्चे पर वैश्विक क्रेडिट रेटिंग एजेंसी मूडीज इन्वेस्टर्स सर्विस ने आज कहा कि वित्त वर्ष 2020-21 में भारत की आर्थिक वृद्धि शून्य रह सकती है. उसने कहा कि भारत की सॉवरन रेटिंग का नकारात्मक परिदृश्य उसकी सकल घरेलू उत्पाद (जीडीपी) की वृद्धि दर पहले के मुकाबले काफी कम रहने के जोखिम को दर्शाता है.

भारत को मिली ऋण मंजूरी
एशियाई आधारभूत संरचना निवेश बैंक (एआईआईबी) ने कोरोना वायरस महामारी से लड़ने में भारत के प्रयासों का समर्थन करते हुए 50 करोड़ डालर के ऋण को मंजूरी दी है.

बढ़ सकता है कोरोना का प्रसार
श्रमिकों की घर वापसी, विदेश से लोगों के लौटने का सिलसिला शुरू होने के साथ ही कोरोना वायरस संक्रमण के प्रसार की गति में तेजी आने की आशंका भी बढ़ रही है.

कोरोना के साथ जीना सीखना होगा
कोविड-19 की वजह से लागू लॉकडाउन में छूट या ढील और प्रवासी श्रमिकों की घर वापसी की पृष्ठभूमि में सरकार ने आज कहा कि हमें कोरोना वायरस के साथ जीना सीखना होगा और ऐहतियाती कदमों को अपनी जीवन शैली का हिस्सा बनाना होगा.

केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय में संयुक्त सचिव लव अग्रवाल ने संवाददाता सम्मेलन में कहा कि देश में कोविड-19 मरीजों की संख्या दोगुने होने का समय पहले के मुकाबले कम हुआ है. उन्होंने बताया कि दो दिन पहले तक औसतन 12 दिन में संक्रमित लोगों की संख्या दोगुनी हो रही थी लेकिन आज यह औसत 10 दिन का है. लेकिन साथ ही अग्रवाल ने इस बात पर जोर दिया कि इन दिनों ‘क्या करना चाहिए और क्या नहीं करना चाहिए’ का यदि कड़ाई से पालन किया गया, तो कोविड-19 के मामलों को चरम पर पहुंचने से रोका जा सकता है.

अग्रवाल ने कहा, ‘‘ऐसे में जब हम लॉकडाउन में छूट या ढील की बात कर रहे हैं और प्रवासी श्रमिक अपने-अपने घर लौट रहे हैं, तो हमारे सामने एक बड़ी चुनौती पैदा हो रही है और हमें अब कोरोना वायरस के साथ रहना सीखना होगा.’’ संयुक्त सचिव ने कहा, ‘‘और जब हम वायरस के साथ जीना सीखने की बात कर रहे हैं तो यह महत्वपूर्ण है कि स्वयं को वायरस संक्रमण से बचाने के लिए जारी दिशा-निर्देशों को पूरा समाज अपने अंदर समाहित करे और उसे अपनी जीवन शैली का हिस्सा बनाए.’’ उन्होंने कहा कि यह बहुत बड़ी चुनौती है और सरकार को इसके लिए समाज का सहयोग चाहिए.

जून या जुलाई में बढ़ेगा खतरा!
भारत में कोरोना वायरस संक्रमण के जून या जुलाई में अपने चरम पर पहुंचने संबंधी अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (एम्स), दिल्ली के निदेशक डॉक्टर रणदीप गुलेरिया की टिप्पणी के संबंध में पूछे जाने पर अग्रवाल ने कहा, ‘‘‘क्या करना चाहिए और क्या नहीं करना चाहिए’ का यदि हम कड़ाई से पालन करते रहें, तो संभवत: हम (कोविड-19 के संक्रमण के मामलों में) चरम पर पहुंचे ही नहीं और हमारा ग्राफ सीधा ही रह जाए.’’

यह पूछने पर कि यदि कोरोना वायरस संक्रमण जून-जुलाई में अपने चरम पर पहुंचता है तो देश में संक्रमित लोगों की संख्या कितनी होने की आशंका है, अग्रवाल ने कहा कि अलग-अलग संस्थाओं ने अपने विश्लेषण के आधार पर कुछ हजार से लेकर करोड़ तक की संख्या बतायी है.

रेखांकित करते हुए कि कुछ राज्यों जैसे महाराष्ट्र, गुजरात, दिल्ली, राजस्थान और मध्यप्रदेश में पिछले कुछ दिनों में मामले बढ़े हैं, अग्रवाल ने इस बात पर जोर दिया कि वहां वायरस संक्रमण को फैलने से रोकने के लिए कड़े उपाय और लोगों को सामाजिक दूरी बनाकर रखने जैसे कदम उठाने होंगे.

देश में करोना मरीजों के ठीक होने की दर 29.36 प्रतिशत
देश में अभी तक इलाज के बाद कोरोना वायरस संक्रमण से मुक्त हुए लोगों की जानकारी देते हुए लव अग्र्रवाल ने कहा कि देश में कोविड-19 मरीजों के संक्रमण मुक्त होने की दर 29.36 प्रतिशत है. उन्होंने बताया कि देश में अभी तक इलाज के बाद 16,540 लोग संक्रमण मुक्त हुए हैं, जबकि पिछले 24 घंटे में 1,273 लोगों को अस्पतालों से छुट्टी दी गई है.

अग्रवाल ने बताया कि कोविड-19 के जिन मरीजों का इलाज चल रहा है उनमें से 3.2 प्रतिशत को ऑक्सीजन दिया जा रहा है, 4.2 प्रतिशत आईसीयू में हैं, जबकि 1.1 प्रतिशत को वेंटिलेटर पर रखा गया है. मंत्रालय ने बताया कि पिछले 24 घंटे में, शुक्रवार सुबह आठ बजे तक देश भर में कोरोना वायरस संक्रमण के 3,390 नए मामले सामने आए हैं, जबकि कोविड-19 से 103 लोगों की मौत हुई है. अग्रवाल ने बताया कि देश में अभी तक कुल 56,342 लोगों के कोरोना वायरस से संक्रमित होने की पुष्टि हुई है और 1,886 लोगों की संक्रमण से मौत हुई है.

काम आएगी प्लाजमा थेरेपी!
अग्रवाल ने बताया कि आईसीएमआर (भारतीय आयुर्विज्ञान अनुसंधान परिषद) ‘कॉन्वेलसेंट प्लाजमा थेरेपी’ के सुरक्षित होने और इसके वांछित नतीजे देने का आकलन करने के लिये 21 अस्पतालों में चिकित्सीय परीक्षण करेगी. ‘कॉन्वेलसेंट प्लाजमा थेरेपी’ के तहत डॉक्टर कोरोना वायरस संक्रमण से मुक्त हो चुके लोगों के रक्त से प्लाजमा लेकर उसका उपयोग अन्य कोविड-19 मरीजों के इलाज मे करते हैं. डॉक्टर संक्रमण मुक्त हुए लोगों के प्लाजमा को ‘कॉन्वेलसेंट प्लाजमा’ कहते हैं क्योंकि उसमें कोरोना वायरस का एंटीबॉडी मौजूद होता है. जिन अस्पतालों में ये परीक्षण होने हैं, उनमें से पांच महाराष्ट्र में हैं जबकि गुजरात में चार, राजस्थान, तमिलनाडु, मध्यप्रदेश, उत्तर प्रदेश में चार-चार और कर्नाटक, चंडीगढ़, पंजाब, तेलंगाना में एक-एक हैं.

(इनपुट भाषा)