नई दिल्ली: राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली में रविवार को कोरोना वायरस से 19 और लोगों की मौत के साथ इस घातक वायरस से मरने वाले लोगों की संख्या बढ़कर 148 हो गई. साथ ही कोरोना वायरस संक्रमण के 422 नए मामले सामने आने के बाद संक्रमित लोगों की कुल संख्या बढ़कर 9,755 हो गई. दिल्ली स्वास्थ्य विभाग ने बताया कि विभिन्न अस्पतालों से मिले मामलों के विवरण के आधार पर ‘‘डेथ ऑडिट कमेटी’’ की रिपोर्ट के अनुसार मौतों का यह आंकड़ा उन मामलों के संदर्भ में है, जिनमें मौत का प्राथमिक कारण कोविड-19 पाया गया है. Also Read - कोरोना वायरस से प्रभावित टॉप 10 देशों की सूची में पहुंचा भारत, जून के अंत तक बहुत तेजी से बढ़ेंगे मामले

शनिवार को संक्रमण के मरीजों की कुल संख्या 9,333 थी और 129 लोगों की मौत हुयी थी. विभाग ने अपने बुलेटिन में बताया कि कोविड-19 के कारण जिन लोगों की मौत हुई, उनमें 77 लोगों की आयु 60 वर्ष या इससे अधिक है और यह कुल मृतक संख्या का 52 प्रतिशत से अधिक है. इसके अलावा इनमें से 40 लोगों की आयु 50 से 59 वर्ष के बीच है और 31 लोगों की आयु 50 से कम है. Also Read - पंजाब में कोविड-19 के 21 नए मामले सामने आये, कुल संख्या बढ़ कर 2,081 हुई

संक्रमण से मारे गए लोगों की सही संख्या नहीं बताए जाने को लेकर आलोचनाओं के घेरे में आने के बाद दिल्ली सरकार ने वायरस के कारण होने वाली मौत की जानकारी देने के लिए 10 मई को शहर में अस्पतालों और अन्य स्वास्थ्य केंद्रों के लिए एक मानक संचालन प्रक्रिया (एसओपी) जारी की थी. Also Read - शादी के तुरंत बाद दूल्‍हा-दुल्‍हन सीधे पहुंचे अस्‍पताल, कोरोना टेस्‍ट कराने के बाद पहुंचे घर

स्वास्थ्य विभाग ने बताया कि अभी तक कुल 4,202 मरीज ठीक हो चुके हैं और 5,405 मरीजों का उपचार किया जा रहा है. दिल्ली में सभी स्वास्थ्य सेवा केंद्रों को आदेश जारी करके स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय के उन दिशा-निर्देशों का पालन करने को कहा गया है, जो खतरे के अनुसार व्यक्तिगत सुरक्षा उपकरणों के तर्कसंगत इस्तेमाल से जुड़े हैं.

विभाग ने बताया कि दिल्ली में अब तक 1,35,791 नमूनों की जांच की जा चुकी है. घर में पृथक-वास में रह रहे कोविड-19 के मरीजों की संख्या 2,142 है.

बुलेटिन के अनुसार शनिवार तक सामने आए 9,333 मामलों में से कम से कम 1,767 लोग एलएनजेपी अस्पताल, आरएमएल अस्पताल, सफदरजंग अस्पताल, राजीव गांधी सुपर स्पेशेलिटी अस्पताल और एम्स, झज्जर जैसे विभिन्न अस्पतालों में भर्ती है. इनमें से 152 लोग आईसीयू में हैं और 21 वेंटिलेटर पर हैं. दिल्ली में 76 निषिद्ध क्षेत्र हैं.

(इनपुट भाषा)