Covid 19 Omicron Variant New Guidelines: दुनियाभर में फैली कोरोना महामारी (Covid Pandemic) के कारण लाखों लोगों की मौत हो गई और करोड़ों लोग इस बीमारी की चपेट में आए. ऐसे में सतर्कता ही इस संक्रमण (Infection) का सबसे सटीक बचाव उपाय है. इसी कड़ी में भारत में 100 करोड़ से अधिक लोगों ने वैक्सीन (Covid Vaccine) लगवा ली है. लेकिन कुछ लोग अब भी वैक्सीन (Vaccination) लगवाने के लिए अपनी बारी का इंतजार कर रहे हैं और कुछ लोग जानबूझकर वैक्सीन लगवाने में आनाकानी कर रहे हैं. हालांकि कोरोना के नए वेरिएंट ओमीक्रॉन (Omicron Variant) के सामने आने के बाद कोरोना की तीसरी लहर (Third Wave of Corona) का खतरा अब बढ़ने लगा है. ऐसे में दिल्ली की आम आदमी पार्टी सरकार (Delhi Govt) ने दिल्ली आपदा प्रबंधन प्राधिकरण को एक प्रस्ताव दिया है. इस प्रस्ताव के मुताबिक कोविड वैक्सीन न लेने वाले लोगों पर कई तरह के प्रतिबंध अब लग सकते है.Also Read - MP Corona Update: इंदौर एयरपोर्ट पर 15 यात्री मिले संक्रमित, दुबई की उड़ान में सवार होने से रोका गया

किन चीजों पर लगेगा प्रतिबंध Also Read - दूसरी बार कोरोना पॉजिटिव हुए Chiranjeevi, बोले- जो मेरे टच में आए वो टेस्ट कराएं

टाइम्स ऑफ इंडिया में प्रकाशित एक खबर के मुताबिक 15 दिसंबर से उन लोगों पर दिल्ली मेट्रो सेवाओं, बसों, सिनेमा हॉल, मॉल, धार्मिक स्थल, रेस्तरा, स्मारकों, सरकारी कार्यालयों, सार्वजनिक स्थानों और सार्वजनिक पार्कों पर उन लोगों के जाने पर प्रतिबंध लगा दिया जाएगा जिन्होंने कोरोना वैक्सीन की एक भी डोज नहीं ली है. साथ ही 31 मार्च 2022 से इन सभी जगहों पर उन लोगों के लिए प्रतिबंध लग जाएगा, जिन्होंने इस समय तक कोरोना वैक्सीन की सिर्फ एक डोज ली होगी. Also Read - Omicron: त्वचा पर 21 घंटे तक जिंदा रहता है कोरोना का ओमीक्रोन वेरिएंट, हैंड हाइजीन सबसे जरूरी

नए वेरिएंट का का किसपर हो रहा असर

कोविड-19 संक्रमण के ओमिक्रॉन वेरिएंट (Omicron Variant) ने दुनियाभर की चिंताएं बढ़ा दी हैं. ये वायरस कितना खतरनाक है और क्या वैक्सीन के खिलाफ शत प्रतिशत कारगर है, इसपर लगातार वैज्ञानिक शोध कर रहे हैं. इस बीच दक्षिण अफ्रीका (South Africa) के प्रमुख वैज्ञानिकों ने इस संबंध में अहम जानकारी दी है. उन्होंने कहा कि ये कहना है अभी जल्दबाजी होगी कि कोविड-19 का ओमिक्रॉन वेरिएंट सिर्फ हल्की बीमारी का कारण बनेगा. वैज्ञानिकों ने कहा कि कोरोना वायरस स्ट्रेन के सही प्रभाव तय करना अभी मुश्किल है क्योंकि इसने अब तक ज्यादातर युवाओं को प्रभावित किया है, जो बीमारी से लड़ने में अधिक सक्षम है. इनमें कुछ लोग वायरस की जद में आने के बाद बीमार पड़ जाते हैं. वैज्ञानिकों ने सांसदों को दिए प्रेजेंटेशन में ये जानकारी दी.