नई दिल्ली: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शनिवार को कहा कि कोविड-19 की जिस मौजूदा चुनौती का देश सामना कर रहा है, वह पिछले साल के मुकाबले बड़ी है. प्रधानमंत्री ने किसी भी सूरत में इस महामारी को गांवों तक पहुंचने से रोकने के हरसंभव प्रयास सुनिश्चित करने का आह्वान किया. बाता दे कि देश में आज शनिवार को पिछले 24 घंटे में 2624 मौतें हो गईं हैं और 3.46 लाख से ज्‍यादा संक्रमण के नए केस आए हैं. भारत में अब तक मौतों का कुल आंकड़ा 1,89,544 हो गया है और सक्रिय मामलों 25 लाख 52 हजार के पार हो गए हैं.Also Read - सऊदी अरब में बढ़ रहे कोरोना संक्रमण के मामले, भारत समेत इन देशों में यात्रा करने पर लगा प्रतिबंध

पंचायती राज दिवस के मौके पर डिजिटल माध्यम से आयोजित एक समारोह में प्रधानमंत्री ने स्वामित्व योजना की शुरुआत की. इसके तहत चार लाख से अधिक लोगों के बीच उनकी सम्पत्ति के ई-प्रापर्टी कार्ड वितरित किए. साथ ही वर्ष 2021 के लिए राष्ट्रीय पंचायत पुरस्कार भी प्रदान किए. इस अवसर पर पीएम मोदी ने विश्वास जताया कि जिस प्रकार पिछले साल कोविड-19 के संक्रमण को गांवों में फैलने से रोकने में सफलता मिली थी, उसी प्रकार इस बार भी इसमें सफलता मिलेगी. Also Read - टोक्यो में PM मोदी का भव्य स्वागत, भारतीयों ने लगाए मोदी-मोदी और भारत माता की जय के नारे | Watch Video

दरअसल, भारत में शनिवार को पिछले 24 घंटे में COVID19 के 3,46,786 नए मामले आने के बाद कुल पॉजिटिव मामलों की संख्या 1,66,10,481 हुई. 2,624 नई मौतों के बाद कुल मौतों की संख्या 1,89,544 हो गई है. देश में सक्रिय मामलों की कुल संख्या 25,52,940 है और डिस्चार्ज हुए मामलों की कुल संख्या 1,38,67,997 है. Also Read - अब सऊदी अरब नहीं जा पाएंगे इन 15 देशों के टूरिस्ट, जानिए वजह

इस समारोह में डिजीटल माध्यम से केंद्रीय पंचायती राज मंत्री नरेंद्र सिंह तोमर, आठ राज्यों के मुख्यमंत्री और बड़ी संख्या में स्थानीय निकायों के प्रतिनिधि शामिल हुए.

पंचायतों का मंत्र दवाई भी और कड़ाई भी का होना चाहिए
पीएम मोदी ने पंचायतों से आग्रह किया कि कोरोना को गांव में पहुंचने से, रोकने में वे अपनी भूमिका निभाएं. प्रधानमंत्री ने कहा, उन्होंने कहा, पिछले साल भी आपने इस संक्रमण को गांवों में फैलने से रोका था. पंचायतों ने गांव में जागरूकता पहुंचाने में भी बहुत बड़ी भूमिका निभाई थी. इस वर्ष भी हमारे सामने चुनौती गांवों तक इस संक्रमण को पहुंचने से रोकने की है. मुझे भरोसा है कि देश और दुनिया को वह राह दिखाएंगे. उन्होंने कहा कि आज की तारीख में पंचायतों का मंत्र दवाई भी और कड़ाई भी का होना चाहिए.

कोविड के दिशानिर्देशों का पालन गांव में हो, हमें ये सुनिश्चित करना होगा
प्रधानमंत्री ने कोविड-19 के बढ़ते मामलों का उल्लेख करते हुए सभी से बचाव के उपायों का पालन करने का आग्रह किया और कहा, ”जो भी दिशा-निर्देश समय-समय पर जारी होते हैं, उनका पूरा पालन गांव में हो, हमें ये सुनिश्चित करना होगा. इस बार हमारे पास टीके का एक सुरक्षा कवच भी है. इसलिए हमें सारी सावधानियों का पालन भी करना है और ये भी सुनिश्चित करना है कि गांव के हर एक व्यक्ति को टीके की दोनों खुराक लगे.

आधुनिक भारत के गांव समर्थ हों, आत्मनिर्भर हों
इस अवसर पर अपने संबोधन में प्रधानमंत्री ने कहा कि देश की प्रगति और संस्कृति का नेतृत्व हमेशा गांवों ने ही किया है, इसीलिए आज देश अपनी हर नीति और हर प्रयास के केंद्र में गांवों को रखकर आगे बढ़ रहा है. उन्होंने कहा, ”हमारा प्रयास है कि आधुनिक भारत के गांव समर्थ हों, आत्मनिर्भर हों.

मुश्किल समय में कोई भी परिवार भूखा ना सोए
पीएम मोदी ने कहा कि इस मुश्किल समय में कोई भी परिवार भूखा ना सोए, ये भी देश की जिम्मेदारी है और इसे ध्यान में रखते हुए सरकार ने प्रधानमंत्री गरीब कल्याण अन्न योजना के तहत मुफ्त राशन देने की योजना को मई और जून तक आगे बढ़ा दिया है.

पीएम ने राष्ट्रीय पंचायत पुरस्कार की राशि ट्रांसफर की
प्रधानमंत्री ने इस अवसर पर राष्ट्रीय पंचायत पुरस्कार 2021 के तहत 224 पंचायतों को दीन दयाल उपाध्याय पंचायत सशक्तीकरण पुरस्कार, 30 ग्राम पंचायतों को नानाजी देशमुख राष्ट्रीय गौरव ग्राम सभा पुरस्कार, 29 ग्राम पंचायतों को ग्राम पंचायत विकास योजना पुरस्कार, 30 ग्राम पंचायतों को बच्चों के अनुकूल ग्राम पंचायत पुरस्कार और 12 राज्यों को ई-पंचायत पुरस्कार प्रदान किया. प्रधानमंत्री ने एक बटन पर क्लिक के माध्यम से पांच लाख रुपए से 50 लाख रुपए तक की पुरस्कार राशि (अनुदान सहायता के रूप में) हस्तांतरित की.

24 अप्रैल को हर साल राष्ट्रीय पंचायती राज दिवस
पंचायती राज मंत्रालय प्रत्येक वर्ष 24 अप्रैल को राष्ट्रीय पंचायती राज दिवस मनाता है, क्योंकि इसी दिन संविधान में 73वें संशोधन के द्वारा पंचायती राज व्यवस्था अस्तित्व में आई थी. यह आयोजन देश के अलग-अलग हिस्सों से पंचायत प्रतिनिधियों से सीधे बात करने और उनकी उपलब्धियों को सम्मान देने, उन्हें आगे के लिए और सशक्त बनाने एवं प्रेरित करने का अवसर होता है.

योजना में पूरे देश में लगभग 6.62 लाख गांवों शामिल होंगे 
बता दें कि प्रधानमंत्री द्वारा सामाजिक-आर्थिक सशक्तिकरण और आत्मनिर्भर ग्रामीण भारत को बढ़ावा देने के लिए केंद्रीय योजना के रूप में पिछले साल 24 अप्रैल को  ई- स्वामित्व की शुरुआत की गई थी. इस योजना में गांवों का सर्वेक्षण और ग्रामीण क्षेत्रों में उन्नत तकनीक के साथ मानचित्रण किया जाता है. इस योजना में 2021-2025 के दौरान पूरे देश में लगभग 6.62 लाख गांवों को शामिल किया जाएगा. योजना के ‘पायलट’ चरण को महाराष्ट्र, कर्नाटक, हरियाणा, उत्तर प्रदेश, उत्तराखंड, मध्य प्रदेश और पंजाब व राजस्थान के चुनिंदा गांवों में 2020-21 के दौरान लागू किया गया था.