नई दिल्ली: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शुक्रवार को रेडियो जॉकी का आह्वान किया कि वे कोरोना वायरस की महामारी से लोगों को हो रही परेशानी की जानकारी दें ताकि सरकार उन समस्याओं का समाधान कर सके. वीडियो कांफ्रेंसिंग के जरिये रेडियो जॉकी के समूह से संवाद करते हुए प्रधानमंत्री ने आह्वान किया कि वे विशेषज्ञों की राय और इस हालात से निपटने के लिए सरकार द्वारा उठाए जा रहे कदमों के बारे में सूचना प्रसारित करें. Also Read - Goggle Mask: कोरोना को देने मात, लखनऊ दंपति ने बनाया 'गॉगल मास्क'

सहानुभूति के महत्व को रेखांकित करते हुए मोदी ने कहा कि यह जरूरी है कि चिकित्सकों, स्वास्थ्य कार्यकर्ताओं और विमानन कंपनी के कर्मियों के संक्रमित होने के सामाजिक डर की वजह से हो रहे दुर्व्यवहार की खबरों को बताया जाए ताकि इस चुनौती का मुकाबला किया जा सके. प्रधानमंत्री ने कहा कि सरकार ने संकट की इस घड़ी में गरीबों और वंचितों की सहायता करने के लिए कई उपायों की घोषणा की है. Also Read - सन फार्मा ने शुरू किया इस दवा के दूसरे चरण का क्लिनिकल ट्रायल, 210 मरीजों पर होगा टेस्ट 

उन्होंने कहा कि यह महत्वपर्ण है कि इन घोषणाओं की जानकारी लाभार्थियों को सुचारु तरीके से और समय पर मिले. मोदी ने कहा कि जन संप्रेषक होने के नाते रेडियो जॉकी श्रोताओं को सामाजिक मेल मिलाप से दूरी और स्व पृथक रहने के महत्व के बारे में शिक्षित करने के साथ इन घोषणाओं की जानकारी देने में सक्रिय भूमिका निभा सकते हैं. Also Read - कोरोना संक्रमण के खतरे को पता लगाने के लिए एलिजा किट का हो सकता है इस्तेमाल, अध्ययन में आई ये बात सामने 

उन्होंने जनता की सहायता करने के लिए लगातार काम कर रहे पुलिसकर्मियों के बारे में भी लोगों को शिक्षित करने पर जोर दिया. प्रधानमंत्री ने कहा कि लोगों को पुलिस कर्मियों का सहयोग करना चाहिए. साथ ही उन्होंने कहा कि पुलिस को सख्त बल प्रयोग से बचना चाहिए क्योंकि यह अनुशासन को लागू करने के लिए भी महत्वपूर्ण है. उन्होंने कहा कि सार्वजनिक प्रसारक आकाशवाणी की अफवाहों को रोकने में अहम भूमिका है.

मोदी ने रेडियो जॉकी से अनुरोध किया कि वे अफवाहों को फैलने से रोकें. साथ ही कोरोना वायारस के संक्रमण के प्रति जागरूकता फैलाने में उनकी भूमिका की प्रशंसा की. उन्होंने कहा कि यह प्रशंसनीय है कि लॉकडाउन के दौरान भी वे अपनी जिम्मेदारी निभा रहे हैं और घरों से कार्यक्रम रिकॉर्ड कर रहे हैं.

प्रधानमंत्री कार्यालय (पीएमओ) की ओर से जारी बयान के मुताबिक मोदी ने कहा कि कार्यक्रमों की पहुंच की वजह से रेडियो जॉकी लाखों भारतीय परिवारों के सदस्य जैसे हैं.

उन्होंने कहा, ‘‘लोग न केवल कार्यक्रमों को सुनते हैं बल्कि उनका अनुपालन भी करते हैं. रेडियो जॉकी की बहुत बड़ी जिम्मेदारी न केवल अंधविश्वासों के खिलाफ प्रचार और प्रसार की है बल्कि लोगों को प्रोत्साहित करने की भी है.’’

बयान के मुताबिक मोदी ने कहा कि विशेषज्ञों की राय और सरकार द्वारा उठाए गए कदमों की जानकारी देने के साथ ही रेडियो जॉकी से आग्रह है कि वे लोगों की परेशानी और चुनौतियों की जानकारी दें ताकि सरकार सक्रिय तरीके से उनका समाधान कर सके.

प्रधानमंत्री ने रेडियो जॉकी से सकारात्मक खबरों और अध्ययनों को प्रचारित करने का आह्वान किया, खासतौर पर उन मरीजों के बारे में जो पूरी तरह से ठीक हो चुके हैं.

उन्होंने सलाह दी कि इस तरह की खबरों का पूरे देश में प्रसारण होना चाहिए. प्रधानमंत्री ने रेडियो जॉकी से कहा कि वे नियमित रूप से पुलिस अधिकारी, डॉक्टर, नर्स और वार्ड ब्यॉय जैसे स्थानीय नायकों के बारे में खबर राष्ट्रीय स्तर पर प्रचारित करें.

उनके इस कथन पर रेडियो जॉकियों ने कहा कि प्रधानमंत्री 2014 से प्रसारित हो रहे रेडियो कार्यक्रम ‘‘मन की बात’’ के जरिये उनके पेशे से जुड़े हुए हैं.

प्रधानमंत्री के आह्वान पर जनता कर्फ्यू को मिले अभूतपूर्व समर्थन और अग्रिम मोर्चों पर लड़ रहे नायकों को धन्यवाद देने के नवोन्मेषी तरीकों को रेखांकित करते हुए रेडियो जॉकी के समूह ने मोदी के नेतृत्व की प्रशंसा की. उन्होंने कहा कि महामारी के खिलाफ लड़ाई में उन्हें देश की आवाज की बनने में खुशी होगी.

मोदी ने रेडिया जॉकी से ऑह्वान किया कि वे समाज में रचनात्मक और सकारात्मक माहौल सुनिश्चित करने के लिए काम करें. उन्होंने कहा कि सकारात्मकता के साथ एकजुटता का भाव कोरोना वायरस से लड़ने की कुंजी है.