Covid 19 R Value: देश में कोरोना की दूसरी लहर ने खूब तबाही मचाई लेकिन अब कोरोना के मामलों में काफी कमी आ चुकी है. ऐसे मे कोरोना की संभावित तीसरी लहर के मद्देनजर एक्सपर्ट्स द्वारा लोगों को लगातार चेताया जा रहा है. हालांकि इस बीच चेन्नई में इंस्टीट्यूट ऑफ मैथमेटिकल साइंस की ओर से की गई स्टडी जो बात सामने आई है, उसके मुताबिक यह संकेत मिल रहा है कि कोरोना संक्रमण के मामले एक बार फिर रफ्तार पकड़ रहा है.Also Read - Covid-19 Risk: गर्भावस्था में हो जाए कोविड तो बढ़ता है ये खतरा, शोध में सामने आईं अहम बातें

इंस्टीट्यूट ने अपने अध्ययन में दावा किया कि कोरोना की प्रजनन दर यानी कोरोना की R वैल्यू 7 मई के बाद पहली बार 1 को पार कर गया है. इससे पहले यह 1 से कम हुआ करता था. जीव विज्ञान और थियोरेटिकल फिजिक्स के प्रोफेशर सीताभरा सिन्हा ने बताया कि वायरस का आर वैल्यू 27 जुलाई के दिन 1 को पार कर गया. बता दें कि 27 मई के बाद से कोरोना के प्रजनन दर में कमी देखने को मिली थी लेकिन. 27 मई के बाद पहली बार है जब कोरोना का प्रजनन दर 1 हो गया है. 27-31 जुलाई के बीच वायरस का आर वैल्यू 1.03 था. बता दें कि कुछ दिन पहले ही आर वैल्यू 0.96 था. Also Read - Coronavirus cases In India: 1 दिन में कोरोना संक्रमण से 31,923 लोग हुए संक्रमित, 282 लोगों की हुई मौत

क्या है R Value Also Read - IPL 2021, DC vs SRH: T Natarajan कोरोना पॉजिटिव, क्या रद्द होगा आज का मुकाबला?

R वैल्यू अगर 0.96 है इसका मतलब है कि प्रत्येक 100 व्यक्ति औसतन 96 अन्य लोगों को संक्रमित करेंगे. यदि आर वैल्यू कम होता है तो इसका मतलब है कि नए संक्रमित लोगों की संख्या इससे पहले की संख्या से कम होगी. यानी कोरोना के मामले घटेंगे. आर वैल्यू जितनी कम होती जाएगी कोरोना संक्रमण के मामले उतने कम होते जाएंगे. यदि आर वैल्यू में वृद्धि होती है तो एक या वैल्यू एक से अधिक होता है तो हर च रण में संक्रमितों की संख्या बढ़ेगी. तकनीकी रूप से इसे महामारी का चरण कहा जाता है.