Covid-19 R Value: देश में कोरोना संक्रमण की रफ्तार तेज हो रही है. कई राज्यों में कोरोना के मामले एक बार फिर तेजी से सामने आ रहे हैं. कोरोना के फैलने व बढ़ते मामलों का संकेत देने वाला R फैक्टर में भी धीरे धीरे बढ़ोत्तरी हो रही है. केरल और पूर्वोत्तर के राज्यों में आर वैल्यू शीर्ष स्थान पर पहुंचने से महामारी के एक बार फिर फैलने की चिंता बढ़ गई है. बता दें आर वैल्यू या संख्या कोरोना वायरस के फैलने की रफ्तार को दर्शाते हैं.Also Read - India Corona Updates: कोरोना को लेकर अच्छी खबर! कम हो रही संक्रमण की रफ्तार, R-Value 1 से नीचे...

चेन्नई के गणितीय विज्ञान संस्थान के रिसर्चर्स के विश्लेषण में बताया गया है कि जब कोरोना महामारी देश में अपने चरम पर थी, यानी जब देश में 9 मार्च से 21 अप्रैल के बीच टोटल लॉकडाउन लगाया गया था तो 1.37 इसके रहने की उम्मीद थी. वहीं यह अप्रैल और 1 मई के बीच घटकर 1.18 प्रतिशत हो गई. ऐसे ही आर वैल्यू में बढ़ते महीने के साथ गिरावट दर्ज की जा रही थी. लेकिन 20 जून से 7 जुलाई के बीच आर वैल्यू बढ़कर फिर से 0.88 प्रथिशत और तीन जुलाई से 22 जुलाई के बीच आर वैल्यू बढ़कर 0.95 प्रतिशत हो चुका है. इसका मतलब है कि कोरोना के मामलों में भी वृद्धि दर्ज की जा रही है. Also Read - Covishield: ब्रिटेन की वैक्सीन नीति को लेकर सरकार ने चेताया, कहा- यह भेदभावपूर्ण रवैया, हम भी लेंगे जवाबी एक्शन

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R वैल्यू अगर 0.95 है इसका मतलब है कि प्रत्येक 100 व्यक्ति औसतन 95 अन्य लोगों को संक्रमित करेंगे. यदि आर वैल्यू कम होता है तो इसका मतलब है कि नए संक्रमित लोगों की संख्या इससे पहले की संख्या से कम होगी. यानी कोरोना के मामले घटेंगे. आर वैल्यू जितनी कम होती जाएगी कोरोना संक्रमण के मामले उतने कम होते जाएंगे. यदि आर वैल्यू में वृद्धि होती है तो एक या वैल्यू एक से अधिक होता है तो हर च रण में संक्रमितों की संख्या बढ़ेगी. तकनीकी रूप से इसे महामारी का चरण कहा जाता है.