नई दिल्ली: देश में कोरोना वायरस का प्रसार तेजी से बढ़ रहा है। हालांकि देश में वायरस के प्रसार को रोकने के लिए 3 मई तक लॉकडाउन जारी है। लॉकडाउन के चलते अर्थव्यवस्था को हो रहे नुकसान को देखते हुए सरकार ने कल यानी सोमवार से कुछ ढील देने का भी ऐलान किया था। बता दें कि देश में कोविड-19 से मरने वालों की संख्या सोमवार को बढ़कर 559 हो गई और संक्रमण के मामले बढ़कर 17,656 हो गए. केन्द्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय ने बताया कि पिछले 24 घंटों के दौरान संक्रमण से 40 लोगों की मौत हुई और 1540 नये मामले सामने आये हैं. Also Read - Covid 19 Long Term Effects: शोध में हुआ खुलासा, कोरोना से उबर चुके लोगों को दिख रहे हैं ड्रिप्रेशन और थकान जैसे गंभीर लक्षण

मंत्रालय के आंकड़ों के अनुसार अभी देश में कोविड-19 से संक्रमित 14,255 लोगों का उपचार चल रहा है जबकि 2,841 लोग उपचार के बाद ठीक हो गए हैं और उन्हें अस्पतालों से छुट्टी दी जा चुकी है. एक व्यक्ति विदेश चला गया है. इन मामलों में 77 विदेशी नागरिक भी शामिल हैं. एक दिन में संक्रमण से मरने वाले 40 लोगों में महाराष्ट्र के 12, गुजरात के नौ, आंध्र प्रदेश के पांच, मध्य प्रदेश के चार, राजस्थान और तेलंगाना के तीन-तीन और दिल्ली एवं कर्नाटक के दो-दो व्यक्ति शामिल हैं. Also Read - Viral Video: ना दो गज की दूरी- ना मास्क, साड़ी की दुकान पर भारी भीड़, IPS बोले- यहां तो कोरोना भी घुसने से डरेगा...

कहां कितनों की मौत
संक्रमण के कारण देश में अब तक हुई कुल 559 लोगों की मौत में महाराष्ट्र में सर्वाधिक 223 लोगों की जान गई है. उसके बाद मध्य प्रदेश में 74, गुजरात में 67, दिल्ली में 45, तेलंगाना में 21 और आंध्र प्रदेश में 20 लोगों की जान गई है. उत्तर प्रदेश में 17 लोगों की मौत हो चुकी हैं जबकि पंजाब एवं कर्नाटक में 16-16 लोगों की इस संक्रमण के कारण मौत हुई है. संक्रमण से तमिलनाडु में 15, राजस्थान में 14 और पश्चिम बंगाल में 12 लोगों की मौत हुई है. इस बीमारी ने जम्मू-कश्मीर में पांच लोगों की जान ले ली जबकि केरल और हरियाणा में तीन-तीन लोगों की मौत हुई है. झारखंड और बिहार में दो-दो लोगों की जान गई है. मेघालय, हिमाचल प्रदेश, ओडिशा और असम में एक-एक व्यक्ति की मौत इस संक्रमण से हुई है. Also Read - India Corona Updates: 24 घंटे में देश में कोरोना के 55 हजार से अधिक मामले, एक्टिव केस साढ़े सात लाख के नीचे

कहां कितने संक्रमित
स्वास्थ्य मंत्रालय के सुबह अपडेट हुए आंकड़ों के अनुसार, देश में संक्रमण के सबसे अधिक पुष्ट मामले महाराष्ट्र में सामने आए हैं. महाराष्ट्र में 4,203, उसके बाद दिल्ली में 2,003, गुजरात में 1,851, मध्य प्रदेश में 1,485, राजस्थान में 1,478 और तमिलनाडु में 1,477 मामले सामने आए हैं. उत्तर प्रदेश में 1,176, तेलंगाना में 873, आंध्र प्रदेश में 722 और केरल में 402 लोग संक्रमित हैं. इसके अलावा कर्नाटक में कोरोना वायरस के 395, जम्मू कश्मीर में 350, पश्चिम बंगाल में 339, हरियाणा में 233 और पंजाब में 219 मामले हैं. बिहार में संक्रमण के 96 और ओडिशा में 68 मामले सामने आए हैं. उत्तराखंड में 44 लोग वायरस से संक्रमित हैं, झारखंड में 42, हिमाचल प्रदेश में 39 और छत्तीसगढ़ में 36 लोग संक्रमित हैं. असम में अब तक 35 मामले सामने आए हैं. कोरोना वायरस संक्रमण के चंडीगढ़ में 26 और लद्दाख में 18 मामले हैं. अंडमान-निकोबार द्वीप समूह में 15 मामले सामने आए हैं. इनके अलावा मेघालय में 11 मामले जबकि गोवा और पुडुचेरी में सात-सात, मणिपुर और त्रिपुरा में दो-दो मामले तथा मिजोरम और अरुणाचल प्रदेश में एक-एक मामला सामने आया है.

केरल ने कुछ छूट वापस ली, कर्नाटक व तमिलनाडु में कोई ढील नहीं
कोरोना वायरस पर काबू पाने के लिए देश भर में लागू लॉकडाउन के बीच केंद्र की आपत्ति के बाद केरल ने दी गयी कुछ छूटों को सोमवार को वापस ले लिया वहीं तमिलनाडु और कर्नाटक ने कहा कि वे प्रतिबंधों में कोई ढील नहीं देंगे. केरल ने रेस्तरां और लघु उद्योगों को खोलने तथा सार्वजनिक परिवहन संबंधी अपने फैसले में संशोधन किया.

देश की आईटी राजधानी बेंगलुरु कर्नाटक में है वहीं तमिलनाडु में मजबूत विनिर्माण क्षेत्र है. दोनों राज्यों में उम्मीदें थीं कि आज से परिचालन शुरू करने के लिए चुनिंदा क्षेत्रों में प्रतिबंधों में ढील दी जा सकती है. दोनों राज्य पंजाब और दिल्ली जैसे प्रदेशों की सूची में शामिल हो गए जिससे स्पष्ट हो गया कि वहं कोई राहत नहीं दी जाएगी. तेलंगाना ने रविवार को ही लॉकडाउन की अवधि और चार दिन बढ़ाकर सात मई कर दी. माकपा शासित केरल ने रविवार को कुछ प्रतिबंधों को शिथिल करने की घोषणा की थी. लेकिन केंद्र की आपत्ति के बाद उसने शहरों में बसों के परिचालन, दो-पहिया वाहनों पर पीछे बैठकर यात्रा तथा रेस्तरांओं को खोलने की अनुमति नहीं देने का फैसला किया. केंद्र ने राज्य सरकार को भेजे पत्र में कहा कि प्रदेश सरकार द्वारा दी गयी विभिन्न छूट लॉकडाउन दिशानिर्देशों को कमजोर करता है और यह उच्चतम न्यायालय की राय का भी उल्लंघन करता है.

(इनपुट भाषा)