नई दिल्ली: कोरोनावायरस संक्रमण को लेकर स्वास्थ्य मंत्रालय ने कहा है कि हम स्थानीय स्तर पर इसके प्रसार होने के चरण में पहुंच गए हैं. प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी द्वारा घोषित किए गए 21 दिन के लॉकडाउन के दौरान लोगों द्वारा उल्लंघन करने के मामले लगातार सामने आ रहे हैं. जिससे देश में कोरोना पॉजिटिव मरीजों की संख्या और इससे होने वाली मौतों की संख्या तेजी से बढ़ रही है. कहा जा रहा है कि ऐसी स्थिति में 21 दिन का लॉकडाउन नाकाफी साबित हो सकता है. Also Read - महाराष्‍ट्र में कोरोना से आज 85 मौतें के साथ अब तक करीब 2000 मृत, कुल 60 हजार पॉजिटिव केस

देश में कोरोना वायरस से संक्रमण की सोमवार तक तक 1071 मामलों में पुष्टि की जा चुकी है और इनमें से 29 मरीजों की मौत हो गयी है. हालांकि स्वास्थ्य मंत्रालय ने बड़ा बयान देते हुए कहा है कि तकनीकी रूप से भारत में अभी कोविड-19 अभी स्थानीय तौर पर संक्रमण (लोकल ट्रांसमिशन) के स्तर पर है और अभी तक सामुदायिक संक्रमण (कम्युनिटी ट्रांसमिशन) की स्थिति नहीं बनी है. Also Read - नेपाल फिर हिन्दू राष्ट्र बने तभी तरक्की होगी, कांग्रेस की वजह से दिखा रहा आँख: कैलाश विजयवर्गीय

स्वास्थ्य मंत्रालय के संयुक्त सचिव लव अग्रवाल ने सोमवार को संवाददाता सम्मेलन में बताया कि पिछले 24 घंटों के दौरान कोरोना वायरस से संक्रमण के 92 नये मामले सामने आये हैं, जबकि इस अवधि में चार मरीजों की मौत हुयी है. अब तक 99 संक्रमित मरीजों को इलाज के बाद स्वस्थ होने पर अस्पताल से छुट्टी दी गयी है. Also Read - डोनाल्‍ड ट्रंप का ऑफर, भारत ने कहा- चीन के साथ सीमा विवाद पर बातचीत कर रहे हैं

अग्रवाल ने संक्रमण को रोकने के लिये घोषित लॉकडाउन के असर के विश्लेषण के आधार पर बताया कि भारत में संक्रमण के बढ़ने की गति विकसित देशों की तुलना में कम है. उन्होंने कहा कि भारत में संक्रमित मरीजों की संख्या बढ़ने की गति और इससे जुड़े आंकड़ों के विश्लेषण से पता चलता है कि देश में संक्रमण के मामले 100 से 1000 तक पहुंचने में 12 दिन लगे, जबकि विकसित देशों में इस अवधि में संक्रमित मरीजों की संख्या 3500 से 8000 तक पहुंच गयी. इससे स्पष्ट है कि भारत में इसके संक्रमण की दर तुलनात्मक रूप से कम है.

उन्होंने कहा कि इस स्थिति को नियंत्रण में रखने में प्रमुख योगदान, लॉकडाउन के दौरान लोगों की एक दूसरे से सुरक्षित दूरी (सोशल डिस्टेंसिंग) बनाये रखना है. अग्रवाल ने हालांकि इस बात पर जोर दिया कि इसका शत-प्रतिशत पालन सुनिश्चित किये जाने पर ही स्थिति को नियंत्रित किया जा सकेगा. अग्रवाल ने कहा कि जिन देशों में कोरोना के संक्रमण का प्रकोप ज्यादा है उनमें एक संक्रमित व्यक्ति ने कम से कम सौ लोगों को संक्रमित किया इसलिये वहां इसके संक्रमण ने महामारी का रूप धारण किया. उन्होंने कहा कि भारत को इस स्थिति से बचाने के लिये लॉकडाउन का प्रत्येक व्यक्ति को पूरी तरह से पालन करना होगा.

इस दौरान भारतीय चिकित्सा अनुसंधान परिषद (आईसीएमआर) के डा रमन आर गंगाखेड़कर ने बताया कि देश में अब तक संक्रमण के 38442 संदिग्ध मामलों का परीक्षण किया जा चुका है. पिछले 24 घंटों में आईसीएमआर की 115 प्रयोगशालाओं में 3501 और निजी क्षेत्र की 47 प्रयोगशालाओं में 428 परीक्षण किये गये. उन्होंने बताया कि निजी प्रयोगशालाओं को परीक्षण की अनुमति मिलने के बाद इनमें अब तक 1334 परीक्षण किये जा चुके हैं.

संवाददता सम्मेलन में गृह मंत्रालय की संयुक्त सचित पुण्य सलिला श्रीवास्तव ने बताया कि मंत्रालय देशव्यापी लॉकडाउन कि नियमित निगरानी कर रहा है. उन्होंने कहा कि देश के सभी इलाकों में लोगों की आवश्यक वस्तुओं की आपूर्ति सामान्य रूप से हो रही है.

श्रीवास्तव ने कहा कि शहरों से अपने गांव की ओर वापस लौटे प्रवासी मजदूर, जो मार्ग में फंसे हैं, उन्हें भोजन और आश्रय की सुविधा देने के लिये सभी जिलाधिकारियों को निर्देश दिये गये हैं. साथ ही जो मजदूर अपने काम की जगह पर मौजूद हैं, उनका वेतन या पारिश्रमिक समय पर देने और मकान मालिकों द्वारा किराया न वसूलने हेतु भी आवश्यक निर्देश जारी कर दिये गये हैं.

(इनपुट भाषा)