नई दिल्ली: भारत में कोरोनावायरस संक्रमण के प्रसार के बारे में बढ़ती चिंताओं के बीच शनिवार को अधिक चिंताजनक खबर आई हैं. देश में कोविड-19 के मामले एक हजार से अधिक हो गए हैं. कुल 1008 सामने आए मामलों में से 909 संक्रमण से अभी भी ग्रसित हैं. स्वास्थ्य और परिवार कल्याण मंत्रालय की आधिकारिक वेबसाइट पर यह आंकड़ा शनिवार सुबह तक 873 पर था, जो शनिवार शाम तक 1008 हुआ, जिनमें से कुल 909 एक्टिव मामले शामिल हैं. कुल मामलों में से 862 भारतीय नागरिक वहीं अन्य 47 विदेशी नागरिक हैं. Also Read - क्या अंडरवर्ल्ड सरगना दाऊद इब्राहिम की कोरोना से हुई मौत?, सोशल मीडिया में अटकलों का बाजार गर्म

कुल 909 एक्टिव मामलों के साथ देश में संक्रमण से 19 मौतें हुईं हैं और 80 लोग पूर्ण रूप से स्वस्थ हुए हैं, जिनमें से अधिकतर को अस्पताल से छुट्टी दे दी गई है. हालांकि, सुबह से कोई नई मौत नहीं हुई है और दो लोगों को स्वस्थ घोषित किया गया है. यह बीमारी अब तक 27 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में फैल चुकी है. अति संक्रामक वायरस से कुल 103 जिले प्रभावित हुए हैं. इस बीच, राष्ट्रीय राजधानी से कुछ किलोमीटर की दूरी पर नोएडा में पांच नए मामलों का पता चला है. Also Read - राजस्थान में कोरोना वायरस से संक्रमितों का आंकड़ा 10128, अब तक मृतक संख्‍या 219

स्वास्थ्य मंत्रालय के संयुक्त सचिव लव अग्रवाल ने कहा कि केंद्र, राज्य सरकारों के साथ स्वास्थ्य बुनियादी ढांचे की तैयारी पर काम कर रहा है. इसमें कोविड-19 से संक्रमित मरीजों के लिए अस्पतालों, ब्लॉकों, अलग से बेड और अन्य लॉजिस्टिक्स का निर्माण करवाना शामिल है. Also Read - कोरोना संकट के बीच अमरनाथ यात्रा 21 जुलाई से शुरू होगी, ऐसी कड़ी शर्तों के साथ 3 अगस्त तक चलेगी

प्रवासी कामगारों का पलायन जारी, सरकार ने राज्यों से राहत शिविर बनाने, भोजन मुहैया कराने कहा
उधर कोरोना वायरस महामारी रोकने के लिए लागू किए गए बंद (लॉकडाउन) के दौरान कई राज्यों के लाखों प्रवासी कामगार अपने मूल निवास स्थान और गांव के लिए पैदल ही चल पड़े हैं. इसे देखते हुए केंद्र सरकार ने शनिवार को राज्यों एवं केंद्र शासित प्रदेशों को उनके लिए तत्काल राहत शिविर स्थापित करने और उनके स्वास्थ्य की जांच कराए जाने के निर्देश दिए. इस बीच, कांग्रेस ने इस भयावह स्थिति के लिए सरकार को जिम्मेदार ठहराते हुए कहा कि इस स्थिति के एक बड़ी त्रासदी में तब्दील होने से पहले सरकार को ठोस कदम उठाने चाहिए. देशव्यापी लॉकडाउन का आज चौथा (शनिवार को) दिन था और अपने गंतव्य तक पहुंचने के लिए प्रवासी कामगारों के लगातार पैदल चलने और पहले से ही खचाखच भरी बसों में घुसने की कोशिश करने के दृश्य देश के कई हिस्सों में आम नजर आ रहे हैं.

अमित शाह का बयान
ये लाखों कामगार राजमार्गों या अंतरराज्यीय बस अड्डों पर फंसे हुए हैं. ऐसे में केंद्र सरकार ने राज्यों एवं केंद्र शासित प्रदेशों को अपने-अपने गृह राज्य लौट रहे या ऐसा करने की कोशिश कर रहे प्रवासी श्रमिकों एवं अन्य लोगों के लिए तत्काल राहत शिविर स्थापित करने को कहा है. केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने कहा कि केंद्र सरकार ने कोरोना वायरस महामारी से निपटने के लिए घोषित किए गए 21 दिन के लॉकडाउन के दौरान प्रवासी कामगारों को पूरा सहयोग देने की प्रतिबद्धता जतायी है.

केंद्र ने राज्य सरकारों और केंद्र शासित प्रदेशों से कहा कि वे 21 दिवसीय बंद के कारण प्रभावित प्रवासी मजदूरों को भोजन एवं आश्रय मुहैया कराने के लिए राज्य आपदा राहत कोष (एसडीआरएफ) का इस्तेमाल कर सकते हैं, जिसके लिए अगले वित्त वर्ष में 29,000 करोड़ रुपए आवंटित किए गए हैं. गृह मंत्रालय में संयुक्त सचिव पुण्य एस श्रीवास्तव ने बताया कि केंद्र सरकार ने राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों से अपने घरों को पलायन कर रहे प्रवासी मजदूरों के लिए शिविर स्थापित करने और उनकी स्वास्थ्य जांच करने को कहा है.

बस स्टेशन पर हजारों लोग जमा
देशभर में लॉकडाउन होने के कारण आजीविका से हाथ धो बैठे हजारों दिहाड़ी मजदूर महिलाओं एवं बच्चों समेत अपने सिर एवं पीठ पर सामान लाद कर लंबी-लंबी कतारों में खड़े होकर दिल्ली के आनंद विहार अंतरराज्यीय बस अड्डे पर बसों में चढ़ने का इंतजार करते नजर आए. उत्तर प्रदेश सरकार ने घोषणा की कि उसने सीमावर्ती जिलों में फंसे प्रवासी मजदूरों को लाने के लिए 1,000 बसों का प्रबंध किया है. देश में शनिवार को लॉकडाउन के उल्लंघन के कई मामले दर्ज किए गए.

असम में चलानी पड़ी गोली
असम पुलिस को बंगाईगांव जिले के एक बाज़ार में बेकाबू भीड़ को तितर-बितर करने के लिए शनिवार सुबह हवा में गोली चलानी पड़ी. एक अधिकारी ने बताया कि सुरक्षा कर्मियों ने लोगों से बंद का पालन करने के लिए कहा तो भीड़ ने सुरक्षा कर्मियों पर कथित रूप से हमला कर दिया. असम औद्योगिक सुरक्षा बल (एआईएसएफ) के एक कांस्टेबल की शनिवार को कछार जिले के एक बाजार में मौत हो गई. कांस्टेबल की पत्नी ने उसके पति की भीड़ द्वारा पीट-पीट कर हत्या किए जाने का आरोप लगाया. दूसरी ओर, पुलिस ने कहा कि कांस्टेबल की मौत संभवत: उच्च रक्तचाप के कारण हुई.

केरल में ड्रोन का सहारा
केरल पुलिस ने कई स्थानों पर ड्रोन तैनात किए ताकि कर्फ्यू के नियमों का उल्लंघन करने वालों पर नजर रखी जा सके. केरल के कासरगोड में कार्यरत बिहार की एक प्रवासी महिला ने उस समय एम्बुलैंस में ही बच्चे को जन्म दिया जब पुलिस ने उसे मेंगलुरु में अस्पताल जाने के लिए सीमा पार करने की अनुमति नहीं दी. प्राधिकारियों ने बताया कि बच्चे और मां दोनों की हालत ठीक है. केरल के मुख्यमंत्री पिनराई विजयन ने राज्य में आवश्यक सामग्रियां लाने के लिए इस्तेमाल होने वाले प्रमुख राज्य राजमार्ग को बंद कर देने की कर्नाटक सरकार की कार्रवाई से प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को अवगत कराया और उनसे इस मामले में तत्काल हस्तक्षेप करने की अपील की है. कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी ने आरोप लगाया कि इस भयावह स्थिति के लिए सरकार जिम्मेदार है. उन्होंने यह भी कहा कि इस स्थिति के एक बड़ी त्रासदी में बदलने से पहले सरकार को ठोस कदम उठाने चाहिए.

कोरोना वायरस से यूरोप में मरने वालों की संख्या बढ़ी, दुनिया मंदी की चपेट में
यूरोप में कोरोना वायरस से मरने वालों की संख्या शनिवार को काफी बढ़ गई वहीं विशेषज्ञों ने उम्मीद जताई है कि महामारी आगामी कुछ समय में अपने चरम पर पहुंच जाएगी. इटली और स्पेन में मृतकों की संख्या में बढ़ोतरी हुई है वहीं आईएमएफ ने पुष्टि की है कि वैश्विक अर्थव्यवस्था ऐतिहासिक रूप से कमजोर हुई है और अमेरिका ने युद्ध के समय खरीदारी की शक्तियां लागू की हैं.

27,989 लोगों की मौत
एएफपी के आंकड़ों के मुताबिक कोरोना वायरस के फैलने के बाद से अभी तक पूरी दुनिया में इस महामारी से छह लाख से अधिक लोग संक्रमित हुए हैं और 27,989 लोगों की मौत हो चुकी है. कोरोना वायरस का प्रकोप झेल रहे इटली में संक्रमण के मामले खतरनाक रूप से बढ़ गए हैं. अधिकारियों ने आगाह किया कि है कि अभी संकट और गहरा सकता है क्योंकि दुनियाभर में इसके मामले लगातार बढ़ रहे हैं.

मंदी के दौर में जा चुकी है दुनिया
अर्थशास्त्रियों का कहना है कि अकेले यूरोप में तीन लाख से अधिक लोग संक्रमित हैं, इस बीमारी के धीमा होने के बहुत कम संकेत मिले हैं और दुनिया पहले ही मंदी के दौर में जा चुकी है. स्पेन में 24 घंटे के अंदर 832 लोगों की मौत हो गई जिससे मृतकों की कुल संख्या 5690 पहुंच गई है जो इटली के बाद सर्वाधिक है जहां शुक्रवार को एक दिन के अंदर रिकॉर्ड 969 लोगों की मौत हो गई.

अमेरिका में संक्रमितों की संख्या 1 लाख के पार
ईरान में कोरोना वायरस से 139 और लोगों की मौत हो गई और भारत के पंजाब में एक दर्जन गांवों को सील कर दिया गया जहां एक गुरु ने दौरा किया था जिसे संक्रमण था और उससे ‘‘संक्रमण के फैलने’’ का खतरा है. अमेरिका में कोविड-19 के 104,000 से अधिक मरीज सामने आने पर राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने शुक्रवार को युद्धकाल की शक्तियों को लागू करते हुए एक निजी कंपनी को चिकित्सा उपकरण बनाने का अधिकार दिया.

ट्रम्प ने जनरल मोटर्स को जारी किए आदेश में कहा, ‘‘आज के कदमों से वेंटीलेटर्स का उत्पादन जल्द होगा जिससे अमेरिकियों की जान बचेगी.’’ देश के 60 फीसदी हिस्से के लॉकडाउन होने और संक्रमण के मामलों में बेतहाशा वृद्धि के चलते ट्रम्प ने अमेरिका के इतिहास में सबसे बड़े दो हजार अरब डॉलर के आर्थिक पैकेज पर भी हस्ताक्षर किए. ब्रिटेन में कोरोना वायरस के खिलाफ देश की लड़ाई का नेतृत्व कर रहे प्रधानमंत्री बोरिस जॉनसन और स्वास्थ्य मंत्री मैट हैनकॉक ने शुक्रवार को खुद के कोविड-19 से संक्रमित होने की घोषणा की.

यूरोपीय संघ की अर्थव्यवस्था डावांडोल
यूरोपीय संघ की अर्थव्यवस्था सीमाओं के बंद होने के कारण डावांडोल होती जा रही है. इटली के प्रधानमंत्री गुइसेप कोंटे ने चेतावनी दी है कि यह संघ अपनी प्रासंगिकता खो सकता है. उन्होंने यहां के एक समाचार पत्र से कहा, ‘‘अगर यूरोप इस अभूतपूर्व चुनौती के लिए तैयार नहीं होता है तो पूरे यूरोपीय ढांचे का लोगों के लिए कोई मायने नहीं रहेगा.’’

इटली के समर्थन में फ्रांस
इटली का समर्थन करते हुए फ्रांस और स्पेन ने भी कहा कि संकट की घड़ी में मजबूत वित्तय व्यवस्था होनी चाहिए लेकिन जर्मनी और नीदरलैंड राष्ट्रीय ऋणों को पूल करने के आह्वान का विरोध कर रहे हैं. इस बीच अंतरराष्ट्रीय मुद्रा कोष की प्रमुख क्रिस्टिलीना जॉर्जीवा ने कहा कि विकासशील देशों की सहायता के लिए बड़े पैमाने पर खर्च किए जाने की आवश्यकता होगी और चेतावनी दी, ‘‘यह स्पष्ट है कि मंदी शुरू हो गई है.’’

लाखों लोग जान गंवा सकते हैं
एक ओर जहां यूरोप और अमेरिका कोरोना वायरस की वैश्विक महामारी पर लगाम लगाने के लिए जूझ रहे हैं वहीं सहायता समूहों ने आगाह किया है कि उचित कदम न उठाने पर कम आय वाले देशों और सीरिया तथा यमन जैसे युद्धग्रस्त देशों में लाखों लोग जान गंवा सकते हैं जहां साफ-सफाई की स्थिति पहले से ही बदतर है. अफ्रीकी संघ के अनुसार, अफ्रीका में आधिकारिक संख्या अब भी कम है. वहां शुक्रवार तक 83 लोगों की मौत हुई और 3200 से अधिक लोग संक्रमित पाए गए.

संयुक्त राष्ट्र महासचिव एंतोनियो गुतारेस ने पिछले हफ्ते चेतावनी दी थी, ‘‘अगर हम कोरोना वायरस को जंगल की आग की तरह फैलने देंगे तो दुनिया के सबसे संवेदनशील क्षेत्रों में लाखों लोग मारे जाएंगे.’’ इस बीच, दक्षिण कोरिया में कोरोना वायरस के 146 नए मामले सामने आए तथा पांच और लोगों की मौत हो गई. इसके साथ ही देश में कुल संक्रमित लोगों की संख्या 9,478 हो गई और 144 लोग जान गंवा चुके हैं.

दक्षिण कोरिया के रोग नियंत्रण एवं रोकथाम केंद्र ने बताया कि शनिवार तक 4,811 लोगों को अस्पतालों से छुट्टी दे दी गई. ज्यादातर 71 नए मामले इस विषाणु से सबसे अधिक प्रभावित दाएगू शहर से सामने आए. वहीं, ब्रूनेई में इस विषाणु से 64 वर्षीय व्यक्ति की मौत हो गई. तेल संपन्न इस देश में कोरोना वायरस से मौत का यह पहला मामला है. ब्रूनेई में मलेशिया में एक धार्मिक सभा से उसके दर्जनों नागरिकों के लौटने के बाद से 115 मामले सामने आए हैं.

वहीं, सीरिया के राष्ट्रपति और संयुक्त अरब अमीरात के सबसे शक्तिशाली नेताओं में से एक ने शुक्रवार को फोन पर बात की जो अरब देशों के साथ दमिश्क के तनावपूर्ण संबंधों में नरमी का संकेत है.

अमीरात के आधिकारिक समाचार एजेंसी ने बताया कि सीरिया के राष्ट्रपति बशर अल असद और अबू धाबी के शहजादे शेख मोहम्मद बिन जायेद अल नाह्यान ने कोरोना वायरस पर लगाम लगाने के प्रयासों पर चर्चा की तथा इससे लड़ने के लिए एहतियाती कदमों की समीक्षा की.

(इनपुट भाषा)