Covid Vaccination Drive: देश भर में कोरोना वैक्सीनेशन का महाभियान 16 जनवरी से शुरू होगा. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी शनिवार को कोरोना टीकाकरण अभियान की शुरुआत करेंगे. PMO की तरफ से कहा गया है कि PM मोदी 16 जनवरी को सुबह 10.30 बजे वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से देशव्यापी कोविड-19 टीकाकरण (Covid Vaccination Drive) की शुरुआत करेंगे. यह विश्व का सबसे बड़ा टीकाकरण अभियान होगा. उधर, वैक्सीनेशन शुरू होने से पहले केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री डॉ. हर्षवर्धन (Health Minister Harsh Vardhan) ने टीकाकरण से जुड़े कुछ भ्रम को दूर करने की कोशिश की है.Also Read - Precaution Dose First Day: पहले दिन करीब 10.50 लाख लोगों को लगी वैक्सीन की तीसरी खुराक मिली

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स्वास्थ्य मंत्री डॉ. हर्षवर्धन (Harsh Vardhan) सिलसिलेवार कई ट्वीट कर कोरोना वायरस (Coronavirus) टीके को लेकर फैली अफवाहों पर स्पष्टीकरण देते हुए कहा कि कोरोना का टीका लेने के बाद आए हल्के बुखार को कोरोना का लक्षण नहीं समझना चाहिए. स्वास्थ्य मंत्री डॉक्टर हर्षवर्धन ने सवाल-जवाब के अंदाज में ग्राफिक्स ट्वीट किए हैं. Also Read - 15-18 Age group Vaccination: किशोरों को आज से लगेगी कोरोना वैक्सीन, सज-धजकर तैयार वैक्सीन सेंटर

क्या कोरोना वैक्सीन लेने के बाद पुरुष नपुंसक और महिलाएं बांझपन की शिकार हो सकती हैं? इस पर डॉक्टर हर्षवर्धन ने बताया कि इसके कोई वैज्ञानिक प्रमाण नहीं है. ऐसी अफवाहों या असत्यापित सोर्स से मिली जानकारी पर ध्यान न दें.

वहीं, वैक्सीन का होगा साइड इफेक्ट्स? इस पर हर्षवर्धन ने कहा कि COVID-19 वैक्सीन लेने के बाद, कुछ लोगों को हल्के बुखार, इंजेक्शन लेने वाली जगह पर दर्द और शरीर में दर्द हो सकते हैं. यह कुछ अन्य टीकों के बाद होने वाले दुष्प्रभावों के समान ही है. वैक्सीन लेने के कुछ समय बाद यह ठीक हो जाएगा. वहीं, डॉ हर्षवर्धन ने यह भी कहा कि कोरोना की वैक्सीन लेने से कोई व्यक्ति कोरोना वायरस से संक्रमित नहीं होता.

उधर, सरकार की ओर से कोविड-19 महामारी, टीकाकरण और इसके डिजिटल प्लेटफॉर्म से संबंधित सवालों के समाधान के लिए 24 घंटे और सातों दिन संचालित होने वाले कॉल सेंटर और हेल्पलाइन 1075 स्थापित की गई है. इससे इतर, सूत्रों ने बताया कि प्रधानमंत्री इस दौरान वीडियो कांफ्रेंस के जरिए देश के विभिन्न हिस्सों के कुछ स्वास्थ्यकर्मियों के साथ संवाद भी कर सकते हैं. सूत्रों के मुताबिक, राजधानी दिल्ली स्थित अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (एम्स) और सफदरजंग अस्पताल के अधिकारियों ने कहा है कि वे दोतरफा संवाद के लिए आवश्यक सभी इंतजाम के साथ तैयार हैं.

स्वास्थ्य मंत्रालय ने एक बयान में कहा, ‘प्रधानमंत्री 16 जनवरी को देशव्यापी कोविड-19 टीकाकरण अभियान की शुरुआत करेंगे. यह विश्व का सबसे बड़ा टीकाकरण अभियान होगा. इसलिए स्वास्थ्य मंत्रालय ने राष्ट्रपति कार्यालय से विमर्श के बाद यह निर्णय लिया है कि पोलियो टीकाकरण दिवस, जिसे ‘पोलियो रविवार’ के रूप में मनाया जाता है, को बदलकर 31 जनवरी कर दिया जाए.’

देश में कोविड-19 के खिलाफ टीकाकरण अभियान के पहले दिन 16 जनवरी को करीब तीन लाख स्वास्थ्य कर्मियों को 2,934 केंद्रों पर टीके लगाए जाएंगे। प्रत्येक टीकाकरण सत्र में अधिकतम 100 लाभार्थी होंगे. सरकार द्वारा खरीदे गए कोविशील्ड और कोवैक्सीन टीके की 1.65 करोड़ खुराकें उनके स्वास्थ्यकर्मियों के आंकडों के अनुसार राज्यों व केंद्रशासित प्रदेशों को आवंटित की गई है.

मंत्रालय ने कहा, ‘इसलिए किसी भी राज्य से भेदभाव का कोई सवाल ही नहीं है. यह आरंभिक स्तर पर दी गई खुराक है. इसलिए कम आपूर्ति किए जाने को लेकर जताई जा रही चिंताए निराधार और दुर्भाग्यपूर्ण हैं.’ राज्यों को सलाह दी गई है कि वे 10 फीसदी आरक्षित/बर्बाद खुराकों और रोजाना प्रत्येक सत्र में औसतन 100 टीकाकरण को ध्यान में रखते हुए टीकाकरण सत्रों का आयोजन करें.

(इनपुट: एजेंसी)