नई दिल्लीः देश में कोविड-19 के रोगियों का पता लगाने के लिए जहां जांच में तेजी लाई जा रही है, वहीं राजस्थान सरकार ने चीन की बनी रैपिड एंटीबॉडी रक्त जांच किट से गलत परिणाम आने की बात कही है जिसके बाद आईसीएमआर(ICMR) ने राज्यों को दो दिन तक इस किट का इस्तेमाल नहीं करने को कहा है. देश में अनेक राज्यों से संक्रमण के नये मामले सामने आने के साथ कुल मामलों की संख्या 20,000 के करीब पहुंच गयी है और मृतक संख्या 600 के पार चली गयी है. भारत में अब तक 19,984 लोग कोरोना से संक्रमित हो चुके हैं जब कि पूरे देश में 640 लोगों की इससे जान जा चुकी है. Also Read - कोरोना: 24 घंटे में सबसे अधिक 7,965 मामले सामने आए, संक्रमितों की संख्या 1 लाख 68 हज़ार पार

इस बीच केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय के अधिकारियों ने कहा कि रोगियों के सही होने की दर सुधरकर 17.5 प्रतिशत हो गयी है और सोमवार को 705 रोगियों का इलाज होने के बाद अस्पतालों से छुट्टी दे दी गयी . अब तक 3,870 से ज्यादा मरीजों का इलाज हो चुका है और उन्हें अस्पतालों से छुट्टी दी जा चुकी है. वहीं देश में अब 15 हजार से ज्यादा मरीजों का इलाज चल रहा है. Also Read - 31 मई के बाद दिल्ली में खुल जाएंगे धार्मिक स्थल और मॉल में दुकानें! दिल्ली सरकार ने दिए संकेत

पश्चिम बंगाल से मंगलवार को कोरोना वायरस संक्रमण से मौत के तीन नये मामले सामने आए, इस बीच राज्य तथा केंद्र सरकार के बीच राजनीतिक गतिरोध की स्थिति बन गयी है जहां केंद्रीय गृह मंत्रालय ने कहा कि राज्य सरकार कोविड-19 के हालात का आकलन करने पहुंचे केंद्रीय दलों के साथ सहयोगी नहीं कर रही. इस दौरान स्वास्थ्य मंत्रालय ने कोरोना वायरस संकट से निपटने में मानव संसाधन की जरूरत को पूरा करने के लिये दो वेबपोर्टल शुरु किये हैं. इसकी मदद से स्वास्थ्य कर्मियों और स्वयंसेवियों की जरूरत वाले स्थानों पर तैनाती की जा रही है और संकट से निपटने से संबंधित प्रशिक्षण भी दिए जा रहे हैं.

दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने बताया कि राष्ट्रीय राजधानी में संक्रमण के 1,603 मामलों में मरीजों का इलाज चल रहा है. अब तक कोरोना वायरस के कारण राजधानी में 47 लोगों की मौत हो चुकी है. केजरीवाल ने यह भी कहा कि राष्ट्रीय राजधानी में उनकी सरकार मीडियाकर्मियों की, कोरोना वायरस के संक्रमण का पता लगाने के लिए जांच कराएगी. मुंबई और चेन्नई में मीडियाकर्मियों के कोरोना वायरस से संक्रमित पाए जाने के बाद केजरीवाल ने यह कहा है. उन्होंने कहा कि सरकार बुधवार से मीडियाकर्मियों के लिए कोरोना वायरस जांच की शुरुआत करेगी.

स्वास्थ्य मंत्रालय के आंकड़ों के मुताबिक मंगलवार को पिछले 24 घंटों के दौरान देश में कोरोना वायरस से संक्रमण के नये मामलों में कमी और स्वस्थ होने वाले मरीजों की संख्या में इजाफा दर्ज किया गया है. हालांकि इस अवधि में मृतकों की संख्या बढ़ी है. स्वास्थ्य मंत्रालय में संयुक्त सचिव लव अग्रवाल ने नियमित संवाददाता सम्मेलन में बताया कि कोरोना वायरस से संक्रमित मरीजों का आंकड़ा 18,985 पर पहुंच गया है.

उन्होंने कहा कि पिछले 24 घंटों में स्वस्थ होने वाले मरीजों की संख्या 705 थी, यह एक दिन में स्वस्थ होने वालों की सर्वाधिक संख्या है. अग्रवाल ने कहा कि इसके साथ ही स्वस्थ होने वाले मरीजों का प्रतिशत 14.75 से बढ़कर 17.48 हो गया है. शाम को जारी ताजा आंकड़ों में मंत्रालय ने कहा कि देश में मृतकों की संख्या 603 हो गयी है तथा संक्रमण के कुल मामलों की संख्या 18,985 पर पहुंच गयी है. मंगलवार शाम पांच बजे तक के आंकड़ों के अनुसार इन कुल रोगियों में 15,122 वो हैं जिनका इलाज चल रहा है.

हालांकि विभिन्न राज्यों से प्राप्त आंकड़ों के संकलन से पीटीआई द्वारा तैयार तालिका के अनुसार रात 11 बजे तक देशभर में संक्रमण के मामलों की कुल संख्या 19,996 पर पहुंच गयी है और कम से कम 646 लोगों की मौत इस महामारी से हो चुकी है. पीटीआई की तालिका के अनुसार अब तक 3,801 लोग स्वस्थ हो चुके हैं. राज्यों की बात करें तो महाराष्ट्र में राजधानी मुंबई की धारावी झुग्गी बस्ती से मामले बढ़ गए हैं, वहीं उत्तर प्रदेश में आज रोगियों की संख्या 100 से ज्यादा बढ़कर कुल मामलों की संख्या 1,337 हो गयी है.

दुनिया भर में कोरोना वायरस वैश्विक महामारी ने 1.7 लाख से ज्यादा लोगों की जान ले ली है जिनमें 42,000 से अधिक अमेरिका में ही हैं. पूरी दुनिया में बीमारी की शुरुआत से अब तक 25 लाख से ज्यादा संक्रमण के मामले सामने आए हैं. इस बीच आशंका है कि कुल मामलों की वास्तविक संख्या कहीं अधिक हो सकती है क्योंकि अधिकतर देशों में अभी तक अधिक गंभीर रोगियों या लक्षण दिखने वाले मरीजों की ही जांच की जा रही है.

इस बीच विश्व स्वास्थ्य संगठन ने मंगलवार को सचेत किया कि कोरोना वायरस को फैलने से रोकने के लिए लगाए गए प्रतिबंधों में ढील देने में जल्दबाजी करने से यह संक्रमण फिर से जोर पकड़ सकता है. डब्ल्यूएचओ ने यह चेतावनी ऐसे समय में दी है जब सरकारें प्रतिबंधों में ढील देकर आर्थिक गतिविधियां चालू करने की योजना बना रही हैं.