नई दिल्ली: भारत में सोमवार तक कोविड-19 संक्रमण की पुष्टि के लिए एक करोड़ से अधिक नमूनों की जांच हो चुकी है. आईसीएमआर के एक अधिकारी ने यह जानकारी दी. केन्द्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय के अनुसार देश में कोविड-19 के 24,248 नए मामले सामने आने के बाद देश में कोरोना वायरस संक्रमण के कुल मामले सोमवार को सात लाख के पास पहुंच गए. वहीं, 425 संक्रमित लोगों की मौत के बाद देश में इस बीमारी से मरने वालों की संख्या 19,693 हो गई.Also Read - Tokyo Olympics 2020: मांसपेशियों में खिंचाव के कारण सिंगल स्पर्धा से हटे एंडी मर्रे; अब डबल्स पर होगा पूरा ध्यान

भारतीय चिकित्सा अनुसंधान परिषद (आईसीएमआर) के वैज्ञानिक और मीडिया समन्वयक डॉ लोकेश शर्मा ने कहा,“छह जुलाई सुबह 11 बजे तक कुल 1,00,04,101 लोगों की कोरोना वायरस की जांच की गई है, जिनमें से 1,80,596 लोगों की जांच पांच जुलाई को की गई.” शर्मा ने कहा कि देश में कोरोना वायरस के नमूनों की जांच के लिये अब कुल 1,105 प्रयोगशालाएं हैं, जिनमें 788 सार्वजनिक क्षेत्र में जबकि 317 निजी क्षेत्र में हैं. एक जुलाई तक देश भर में कुल 90 लाख जांचें हो चुकी थीं. Also Read - सरकार ने जरूरी 5 मेडिकल उपकरणों पर व्यापार मार्जिन सीमित किया, करीब 620 प्रोडक्‍ट के दाम घटे

शर्मा ने कहा, “25 मई तक जांच क्षमता तकरीबन 1.5 लाख प्रतिदिन थी जिसे बढ़ाकर अब तीन लाख प्रतिदिन कर दिया गया है.” आईसीएमआर ने कहा कि सिर्फ एक प्रयोगशाला, पुणे स्थित राष्ट्रीय विषाणु विज्ञान संस्थान (एनआईवी), से जांच शुरू हुई थी और लॉकडाउन की शुरूआत में यह 100 था. आगे चलकर 23 जून को आईसीएमआर ने 1,000 जांच प्रयोगशालाओं को मंजूरी दी. Also Read - Tokyo Olympics का पहला स्वर्ण पदक चीनी निशानेबाज यांग कियान के नाम हुआ

वैसे टेस्टिंग की बात करें तो सबसे आगे चीन है जहां से कोरोना फैलना शुरू हुआ. चीन में 9 करोड़ से ज्यादा लोगों का टेस्ट किया गया. दूसरे नंबर पर अमेरिका है जहां टेस्ट की संख्या 3 करोड़ के पार है. वहीं भारत में अभी 1 करोड़ 4 हजार ही टेस्ट हुए हैं.

केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय ने पहले कहा था कि केंद्र सरकार कोविड-19 जांच क्षमता को बढ़ाने के लिए कई आवश्यक कदम उठा रही है. सरकार ने कहा है कि आईसीएमआर की ओर से सुझाए गए जांच के विभिन्न तरीकों का इस्तेमाल करते हुए सभी राज्य सरकारें, सरकारी और निजी संस्थाएं कोविड-19 की जांच के दायरे को बढ़ाने के लिए सभी आवश्यक कदम उठाएं. ‘जांच-निगरानी-उपचार’ की रणनीति को दोहराते हुए केंद्र ने पिछले सप्ताह कहा था कि कोविड-19 जांच प्रयोगशालाओं का पूरी तरह उपयोग सुनिश्चित किया जाए.

(इनपुट भाषा)