नई दिल्‍ली: विश्‍वव्‍यापी कोरोना वायरस महामारी के खिलाफ भारत की मुहिम अब काफी रंग लाई है. केंद्रीय स्‍वास्‍थ्‍य मंत्रालय की गुरुवार को दी जानकारी के मुताबिक, भारत में मरीजों के ठीक होने की दर (recovery rate ) अभी 25.19% फीसदी है, जबकि 14 दिन पहले 13.06 प्रतिशत थी. देश में पिछले 24 घंटे में 1718 नए मामले आए और कोरोना संक्रमण के कुल मामले बढ़कर 33050 हो गए. Also Read - कोरोना वायरस वैक्सीन बनाने में मदद करेगी गुजरात कोविड म्यूटेशन अध्ययन, जानिए क्या है एक्सपर्ट की राय 

केंद्रीय स्‍वास्‍थ्‍य मंत्रालय के मुताबिक: कोरोना के खिलाफ जंग में मिली
– अभी तक 8,324 मरीज ठीक हुए हैं, जो कि कुल मरीजों का 25.19 प्रतिशत है
– कोरोना संक्रमण मरीजों के ठीक होने की दर पिछले 14 दिन में 13.06% से बढ़कर 25 % हुई
– भारत में कोविड-19 के मौजूदा मामलों की मृत्यु दर 3.2 प्रतिशत
– भारत में कोरोना वायरस से 65 प्रतिशत पुरुष और 35 प्रतिशत महिलाओं की मौत
– कोविड-19 के मामले अब 11 दिन में दोगुना हो रहे हैं
– लॉकडाउन से पहले कोरोना केस 3.4 दिन में दोगुना हो रहे थे Also Read - थूक के इस्‍तेमाल पर रोक से बिगड़ेगा गेंद-बल्‍ले का संतुलन, अनिल कुंबले का सुझाव, पिच में हो बदलाव

– पिछले 24 घंटों में देश में कोरोना संक्रमण के 1823 नए मामले और 67 मौतें हुईं
– भारत में COVID19 पॉजिटिव मामलों की कुल संख्या 33610 हुई
– 33610 कुल मरीजों में से 24162 सक्रिय केस
– 8373 मरीज ठीक होकर डिस्चार्ज, माइग्रेट
– 1075 मौतें अब तक देश में कोरोना संक्रमण से हुई हैं

स्वास्थ्य मंत्रालय के संयुक्‍त सचिव लव अग्रवाल ने कहा, COVID19 मामलों की दर 25.19% है, जो 14.06 दिन पहले 13.06% थी. फेटलिटी रेट 3.2% है. कोरोना वायरस के मरीजों में 78% मौतों में एक अधिक‍ बीमारियां पाई गईं. मामलों के दोगुना होने की अवधि अब बढ़कर 11 दिन हो गई है.

गृह मंत्रालय की संयुक्‍त सचिव पुण्य सलिला श्रीवास्तव ने बताया है कि हैदराबाद का दौरा करने वाली केंद्रीय टीम ने पाया है कि राज्य के पास पर्याप्त परीक्षण किट, पीपीई आदि की संख्या नहीं है. राज्य रोगियों को परीक्षण से छुट्टी देने के लिए सही करने के लिए एंड-टू-एंड आईटी डैशबोर्ड का उपयोग कर रहा है.

संयुक्त सचिव ने बताया कि कें गृह मंत्रालय द्वारा निर्धारित दिशा-निर्देशों के अनुसार, फंसे हुए लोगों के अंतर-राज्य आंदोलन को सुविधाजनक बनाने के लिए राज्यों / केंद्रशासित प्रदेशों को आदेश जारी किए हैं. उन्‍होंने कहा कि अब तक बसों का उपयोग करने के निर्देश हैं. केंद्र कई राज्य सरकार द्वारा प्रस्ताव पर विशेष ट्रेनें चलाने के लिए विचार कर रहा है, ताकि फंसे हुए लोगों और छात्रों और प्रवासी मजदूरों को भेजा जा सके.