Covishield-Covaxin: ड्रग कंट्रोलर जनरल ऑफ इंडिया(DCGI) ने कोरोना वायरस (Coronavirus) की वैक्सीन, सीरम इंस्टीट्यूट ऑफ इंडिया और भारत बायोटेक की कोरोना वैक्सीन को आपातकालीन स्थिति में रिस्ट्रिक्टेड यूज की अनुमति दे दी है. पैनल के सदस्य वीजी सोमानी ने कहा है कि ये दोनों वैक्सीन 110 प्रतिशत सुरक्षित हैं और किसी भी वैक्सीन के थोड़े साइड इफेक्ट होते हैं जैसे दर्द, बुखार, एलर्जी होना, इसे लेकर घबराने जैसी बात नहीं होनी चाहिए. इसके साथ ही बोर्ड ने मैसर्स केडिला हेल्थकेयर को भारत में तीसरे चरण के ​क्लीनिकल ट्रायल करने की अनुमति भी दी है. Also Read - PM Modi in Kolkata LIVE Updates: कोलकाता पहुंचे पीएम मोदी, नेताजी की जयंती पर ‘पराक्रम दिवस’ समारोह में लेंगे हिस्सा

DCGI से वैक्सीन की अनुमति मिलते ही प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने ट्रवीट कर सीरम इंस्टीट्यूट और भारत बायोटेक की कोरोना वैक्सीन के इमरजेंसी इस्तेमाल को DCGI से अनुमति मिलने के लिए देशवासियों और वैज्ञानिकों को बधाई दी है. Also Read - ब्राजील के राष्ट्रपति ने पीएम मोदी को वैक्सीन के लिए कहा धन्यवाद, शेयर की भगवान हनुमान की यह खास तस्वीर

वीडियो में देखें बोर्ड ने वैक्सीन को लेकर क्या कहा है…..

रविवार की सुबह 11 बजे ड्रग्स कंट्रोलर जनरल ऑफ इंडिया (DCGI) ने प्रेस कॉन्फ्रेंस आयोजित की जिसमें पैनल ने कोविशील्ड (Covishield) और कोवैक्सीन (Covaxin) के आपातकालीन इस्तेमाल को लेकर आधिकारिक ऐलान किया है. इसपर पूरे देश की निगाहें टिकी थीं. दूसरी तरफ वैक्सीनेशन के लिए कई राज्यों में दो जनवरी 2021 यानि कल शनिवार को ड्राई रन की प्रक्रिया शुरू हुई जिसके तहत वैक्सीनेशन का मॉकड्रिल किया जा रहा है.

एक्सपर्ट कमेटी ने पहले ही दे दी थी अप्रूवल

बता दें कि कोरोना वैक्सीन (Corona Vaccine) को लेकर बनी एक्सपर्ट कमेटी ने पिछले 48 घंटों में दो वैक्सीन को देश में आपातकालीन इस्तेमाल की मंजूरी दे दी है. कमेटी ने साल के पहले दिन कोविशील्ड (Covishield) को और अब कोवैक्सीन (Covaxin) को अपनी मंजूरी दे दी है. इस तरह से अब DCGI की अनुमति मिलते ही वैक्सीनेशन की प्रक्रिया शुरू हो जाएगी.

भारत में ही बनी हैं दोनों वैक्सीन

कोवैक्सीन (Covaxin) पूरी तरह से स्वदेशी है और इसे भारत बायोटेक (Bharat Biotech) ने बनाया है. ये वैक्सीन हैदराबाद लैब में तैयार की गई है. तो वहीं, कोविशील्ड (Covishield) को ऑक्सफोर्ड-एस्ट्राजेनेका ने मिलकर बनाया है और भारत में इसका निर्माण सीरम इंस्टिट्यूट (Serum Institute) द्वारा किया जा रहा है.