जयपुर: कांग्रेस के वरिष्ठ नेता सीपी जोशी को राजस्थान की नवगठित 15वीं विधानसभा का निर्विरोध अध्यक्ष बुधवार को चुना गया. मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने डॉक्टर जोशी के नाम का प्रस्ताव पेश किया. प्रतिपक्ष के नेता गुलाबचंद कटारिया प्रस्ताव का अनुमोदन किया. मुख्यमंत्री गहलोत ने जोशी को बधाई देते हुए कहा कि उनका सदन से पुराना नाता रहा है और विधानसभा से लेकर संसद तक का पुराना अनुभव है. उम्मीद है वे सभी सदस्यों की भावनाओं का पूरा ख्याल रखेंगे. Also Read - यूपी: बीजेपी नेता की मौत, कार में मिली गोली लगी लाश, तमंचा और शराब की बोतल भी मिली

सदस्यों का आभार जताते हुए जोशी ने कहा कि विधानसभा नियम और कानून से चलती है. सत्ता पक्ष और विपक्ष सहित सभी पार्टियों को इस बात का ध्यान रखना चाहिए कि नियम और कानून के तहत कम से कम समय में जन आंकाक्षाओं के अनुरूप काम हो. जोशी ने कहा कि वह अपने पद पर निष्पक्ष ढंग से काम करने का प्रयास करेंगे. Also Read - UP Panchayat Chunav: कुलदीप सेंगर की बेटी ने मां का टिकट कैंसिल होने पर भावुक वीडियो शेयर कर उठाए सवाल

पांचवीं बार विधायक चुने गए जोशी यूपीए सरकार में केंद्रीय मंत्री भी रह चुके हैं. वे वर्तमान में राजस्थान क्रिकेट एसोसिएशन के भी अध्यक्ष हैं. 2008 विधानसभा चुनाव में जोशी सिर्फ एक वोट से हार गए थे. बाद में 2009 लोकसभा चुनाव में जीत हासिल कर मनमोहन सिंह सरकार में वह पंचायतीराज, ग्रामीण विकास, भूतल परिवहन व राजमार्ग और रेल मंत्री रहे. जोशी 15वीं लोकसभा में भीलवाड़ा सीट से सांसद रहे और 2009 से 2013 तक सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री रहे. Also Read - WB Assembly elections 2021: कांग्रेस पार्टी को बंगाल में बड़ा झटका, उम्मीदवार रेजाउल हक की कोरोना से मौत

केंद्रीय मंत्री रह चुके जोशी ने इस बार का विधानसभा चुनाव नाथद्वारा से जीता. उन्हें राज्य की नई अशोक गहलोत सरकार में मंत्री पद नहीं दिया गया. तभी से चर्चा चल रही थी कि उन्हें कोई संवैधानिक पद दिया जा सकता है.

उदयपुर के यूनिवर्सिटी कॉलेज ऑफ सोशल साइंसेज एंड ह्यूमेनिटीज से बीए (विधि) करने के बाद उन्होंने भौतिक शास्त्र में स्नातकोत्तर की पढ़ाई की. वह साइकोलॉजी में पीएचडी हैं.

उदयपुर के ही यूनिवर्सिटी कॉलेज में व्याख्यता के रूप में उन्होंने अपने करियर की शुरुआत की. राजनीति में आने से पहले वह उदयपुर के मोहनलाल सुखाड़िया विश्वविद्यालय में प्रोफेसर थे.