कोलकाता: लोकसभा चुनावों में कांग्रेस के साथ देश-व्यापी गठबंधन की संभावनाओं से लगभग इंकार करते हुए माकपा महासचिव सीता राम येचुरी ने कहा कि दोनों दलों के बीच चुनावी साझेदारी की बातचीत ‘राज्य स्तर पर शुरू’ होगी क्योंकि विभिन्न राज्यों में राजनीतिक परिस्थितियां अलग-अलग हैं. हालांकि माकपा महासचिव ने यह भी कहा कि उन्हें 2019 के लोकसभा चुनाव के बाद केंद्र में भाजपा-विरोधी धर्म-निरपेक्ष और लोकतांत्रिक मोर्चा की सरकार बनती नजर आ रही है.

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राज्य स्तर पर होगी बात
येचुरी की टिप्पणी ऐसे समय पर आई है जब पश्चिम बंगाल में माकपा लोकसभा चुनावों के लिए कांग्रेस के साथ गठबंधन कर तृणमूल कांग्रेस और भाजपा को हराने के पक्ष में है. पश्चिम बंगाल के पूर्व उद्योग मंत्री और पोलित ब्यूरो के सदस्य निरूपम सेन के निधन के बाद रविवार रात आयोजित शोक सभा से इतर येचुरी ने संवाददाताओं से कहा, ‘‘हम कह चुके हैं कि विभिन्न राज्यों में राजनीतिक परिस्थितियां अलग-अलग हैं. ऐसे में कांग्रेस के साथ कोई भी बातचीत राज्य स्तर पर शुरू होगी.’’

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अभी बहुत कुछ होना बाकी
उनसे पूछा गया था कि माकपा राष्ट्रीय स्तर पर भाजपा-विरोधी मोर्चा बनाने के लिए कांग्रेस के साथ बातचीत क्यों नहीं शुरू कर रही है. येचुरी ने कहा कि उत्तर प्रदेश में समाजवादी पार्टी और बहुजन समाज पार्टी का गठबंधन सकारात्मक घटनाक्रम है और अभी बहुत कुछ होना बाकी है. माकपा नेता ने कहा कि उन्हें 2019 में चुनाव के बाद केन्द्र में भाजपा-विरोधी धर्मनिरपेक्ष और लोकतांत्रिक मोर्चा बनता नजर आ रहा है. पश्चिम बंगाल कांग्रेस के एक वरिष्ठ नेता का कहना है कि प्रदेश के ज्यादातर नेता लोकसभा चुनावों के लिए माकपा के साथ अनौपचारिक तौर पर सीटों का बंटवारा करने के पक्ष में हैं. ( भाषा इनपुट )