नई दिल्ली. सीपीआई नेता अमीर हैदर जैदी को आरएसएस विचारक राकेश सिन्हा के समर्थन में किया गया ट्वीट महंगा पड़ता दिखाई दे रहा है. सीपीआई ने अपनी पार्टी के नेता के इस कदम पर उन्हें नोटिस थमा दिया है. जैदी ने एक महीने पहले आरएसएस विचारक राकेश सिन्हा का समर्थन करते हुए ट्वीट किया था. बता दें कि सिन्हा पर जुलाई महीने में पश्चिम बंगाल का सौहार्द बिगाड़ने के आरोप में पश्चिम बंगाल पुलिस द्वारा एफआईआर दर्ज की गई थी. सीपीआई ने अपने नोटिस में जैदी से पूछा कि उन्होंने क्यों हिदुत्व नेता के समर्थन में ट्वीट किया था. वहीं, जैदी ने पार्टी नेताओं से कहा था कि उनका राकेश सिंहा के साथ एक समाजिक बंधन है जो कि राजनीति और विचारधाराओं से अलग है. Also Read - मध्य प्रदेश में अब कांग्रेस कर रही 'शुद्धिकरण', इन इलाकों में घर-घर बांटेगी गंगाजल

क्या था मामला
सिन्हा के खिलाफ कोलकाता के सेक्शपीयर सरानी थाने में 12 जुलाई को भारतीय अचार संहिता की धारा 153 ए1 (ए)(बी), 505(1)(बी),295ए,120बी के तहत मामला दर्ज किया गया था. इन धाराओं के जरिए राकेश सिन्हा के खिलाफ दंगा भडकाने, लोगों की भावनाओं को आहत करने और भविष्य में उनके बयानों के जरिए दंगा भड़कने की आशंका जताई गई. प्राथमिकी में यह भी आरोप है कि सिन्हा ने अपने सोशल मीडिया अकाउंट पर ऐसे फोटो और व्यक्तव्य डाले हैं. जिससे सूबे की शांति व्यवस्था भंग हुई. हालांकि सिन्हा का कहना था कि उन्होंने ऐसा कुछ नहीं किया, जिससे की पश्चिम बंगाल में कानून व्यवस्था की स्थिति बेपटरी हो. Also Read - जम्मू-कश्मीर के LG बनाए जाने पर BJP नेताओं ने की मनोज सिन्हा की तारीफ, कही ये बात

बंगाल गए भी नहीं प्राथमिकी दर्ज
राकेश सिन्हा ने एफआईआर के बाद बताया था कि मुझे पता नहीं कैसे मैंने पश्चिम बंगाल की कानून व्यवस्था को अशांत कर दिया? सिन्हा का कहना है कि वे लंबे समय से इधर पश्चिम बंगाल गए भी नहीं हैं. बावजूद उसके उनके खिलाफ पुलिस ने कार्रवाई की है. यह पूरी तरह बदले की राजनीति से प्रेरित कदम है. Also Read - PM मोदी की तारीफ करने पर डीएमके ने MLA को किया निलंबित, सेल्वम पहुंचे बीजेपी ऑफिस