नई दिल्ली: मार्क्‍सवादी कम्युनिस्ट पार्टी (सीपीएम) ने सोमवार को कहा कि राष्ट्रीय स्तर पर महागठबंधन संभव नहीं है. पार्टी ने साथ में यह भी कहा कि वह इस बारे में उचित समय पर सोचेगी. उन्होंने दावा किया कि उनकी प्राथमिकता भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) को हराने की है.

पार्टी महासचिव सीताराम येचुरी ने मीडिया को बताया कि राष्ट्रीय स्तर पर महागठबंधन संभव नहीं है. उन्होंने कहा, “इसका मतलब उत्तर प्रदेश में सपा (समाजवादी पार्टी) और बसपा (बहुजन समाज पार्टी) और सहयोगियों का गठबंधन हो सकता है. वहीं बिहार में इसका नेतृत्व राजद (राष्ट्रीय जनता दल) करेगा. मैं यह कह रहा हूं.”

सीपीएम केंद्रीय समिति की बैठक के बाद मार्क्‍सवादी नेता ने कहा, “हम समय आने पर महागठबंधन में शामिल होने पर फैसला करेंगे. चीजों को साफ होने दें. फिलहाल, हमारी प्राथमिकता भाजपा को हराने और एक धर्मनिरपेक्ष सरकार का गठन सुनिश्चित करने की है.” येचुरी ने कहा कि अगर राज्यों में चुनाव से पहले गठजोड़ करने के प्रयास किए गए तो माकपा भाजपा को हराने के लिए उनका समर्थन करेगी.

येदियुरप्‍पा का स्‍पष्‍टीकरण, कर्नाटक से लोकसभा चुनाव नहीं लड़ेंगे पीएम मोदी

उन्होंने कहा, “अगर सपा और बसपा एक साथ आते हैं, तो हम भाजपा को हराने के लिए उनके साथ होंगे. बिहार में अगर राजद और अन्य धर्मनिरपेक्ष ताकतें हाथ मिलाती हैं तो हम उनका समर्थन करेंगे.” यह पूछे जाने पर कि क्या माकपा उन जगहों पर कांग्रेस उम्मीदवारों का समर्थन करेगी, जहां उसने अपने उम्मीदवार नहीं उतारे हैं? येचुरी ने इससे सहमति जताई. उन्होंने कहा कि भाजपा विरोधी वोटों को एक साथ रखने के लिए चुनावी रणनीति तैयार की जाएगी.

लालू के कुनबे में सब कुछ ठीक नहीं, मीसा ने माना तेजस्‍वी और तेजप्रताप के बीच हैं मतभेद

राज्यसभा के पूर्व सदस्य ने कहा कि यह कार्य भारत को बचाने के लिए भाजपा को हराने और पश्चिम बंगाल को बचाने के लिए तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) को हराने का है. उन्होंने कहा, “हम बंगाल में दोनों (भाजपा और टीएमसी) की हार के लिए काम करेंगे.. हम यह सुनिश्चित करेंगे कि ऐसा हो.” येचुरी ने कहा, “तेलंगाना में, हमारा उद्देश्य भाजपा और सत्तारूढ़ टीआरएस (तेलंगाना राष्ट्र समिति) को पराजित करना है.”

गुजरात सरकार ने राज्‍य छोड़कर जाने वाले बिहार-यूपी के लोगों से की लौटने की अपील, स्थिति पर नियंत्रण का दावा

2019 में राहुल गांधी के प्रधानमंत्री बनने के बारे में पूछने पर येचुरी ने कहा, “किसी ने 2004 में मुझे बताया था कि सोनिया गांधी प्रधानमंत्री बनने के लिए तैयार हैं, लेकिन क्या ऐसा हुआ?” उन्होंने कहा, “भारतीय राजनीति के बारे में अनुमान नहीं लगाया जा सकता. हालात को देखकर फैसले लिए जाते हैं.” उन्होंने कहा कि उनकी पार्टी राजस्थान, मध्य प्रदेश और छत्तीसगढ़ में कुछ सीटों पर चुनाव लड़ेगी और बाकी सीटों पर भाजपा को हराने के लिए अभियान चलाएगी.