नई दिल्ली: मध्य प्रदेश की राजनीति में उथल-पुथल मची हुई है. रात से ही कांग्रेस और सहयोगी दलों व निर्दलीय विधायकों के गुड़गांव एक होटल में रखे जाने की खबर आ रही है. आरोप है कि बीजेपी ने इन्हें होटल में रखा. कांग्रेस ने विधायकों की खरीद फ़रोख़्त और मध्य प्रदेश में सरकार का अस्थिर करने का आरोप बीजेपी पर लगाया है. Also Read - स्मृति ईरानी ने कहा- कांग्रेस देश की चुनौतियों से फायदा उठाने की कोशिश में है, वो यही कर सकती है

कांग्रेस सरकार में मंत्री जीतू पटवारी ने इस पूरे घटनाक्रम का आरोप मध्य प्रदेश के पूर्व सीएम और बीजेपी नेता शिवराज सिंह चौहान पर लगाया है. उन्होंने बीजेपी लोकतंत्र की हत्या करना चाहती है. पीएम मोदी अलग तरह की राजनीति की बात करते हैं. वह इसी तरह की राजनीति करना चाहते हैं. विधायकों को खरीदने के लिए 50-60 करोड़ रुपए ऑफर किए जा रहे हैं. उन्होंने ये भी बताया कि कुछ विधायक बेंगलुरु में भी हैं, लेकिन वे हमारे साथ हैं. जीतू पटवारी ने कहा कि शिवराज सिंह चौहान इस पूरे मामले के मास्टरमाइंड हैं. इसके पीछे वही हैं. कई वीडियो और ऑडियो सामने चुके हैं, जिससे उनका रोल साबित होता है. जीत पटवारी ने ये भी कहा कि मध्य प्रदेश सरकार को कोई ख़तरा नहीं है. Also Read - भाजपा प्रवक्ता संबित पात्रा कोविड-19 के लक्षणों के बाद अस्पताल में भर्ती

मंगलवार देर रात गुरुग्राम के मानेसर स्थित आईटीसी होटल में मध्यप्रदेश के कांग्रेस ,निर्दलीय और सपा-बसपा के कई विधायकों को एकसाथ देखा गया. जैसे ही कांग्रेस को इस बात की जानकारी मिली वह अलर्ट हो गई और सभी विधायकों से संपर्क किया गया. मध्य प्रदेश के मंत्री जयवर्धन सिंह और जीतू पटवारी बहुजन समाज पार्टी की निलंबित विधायक रमाबाई के साथ गुरुग्राम के आईटीसी होटल से बाहर निकलते हुए देखा गया. इस बीच विधायकों और वहां मौजूद लोगों की आपस में बहस भी हुई.

होटल से अपने विधायकों को लेकर लौटे जयवर्धन सिंह ने भारतीय जनता पार्टी पर आरोप लगाते हुए कहा कि वह हमारे विधायकों को बड़ी रकम देकर खरीदने की कोशिश कर रही है. उन्होंने कहा कि हम ने अपने सभी विधायकों को होटल से बाहर निकाल लिया है, अब कमलनाथ सरकार पर कोई खतरा नहीं है.

वहीं दिग्विजय सिंह ने भी बीजेपी पर हमला बोलते हुए कहा, ” बीजेपी के रामपाल सिंह, नरोत्तम मिश्रा, अरविंद भदौरिया, संजय पाठक उन्हें पैसे देने वाले थे. अगर कोई छापा पड़ा होता तो वे पकड़े गए होते. हमें लगता है कि 10-11 विधायक थे. केवल 4 अब भी उनके साथ हैं, वे भी हमारे पास आएंगे.” बता दें कि मंगलवार को सुबह ही कांग्रेस के दिग्गज नेता दिग्विजय सिंह ने दावा किया था कि भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) मध्य प्रदेश की कांग्रेस सरकार को गिराना चाहती है. दिग्विजय सिंह ने यह भी कहा कि बीजेपी पैसे देकर विधायकों को खरीदना चाहती है.