जम्मू: जम्मू-कश्मीर के राजौरी जिले के अधिकारियों ने पाकिस्तानी गोलाबारी और गोलीबारी का सामना करने वाले सीमावर्ती इलाकों के लोगों की सहायता के लिए 5,500 से अधिक भूमिगत बंकरों और 200 सामुदायिक हॉलों के साथ – साथ ‘ सीमावर्ती भवनों ‘ को बनाने की प्रक्रिया शुरू कर दी है. एक आधिकारिक प्रवक्ता ने यहां बताया कि 153.60 करोड़ रुपये की लागत वाली इस महत्त्वपूर्ण परियोजना को राज्य सरकार और केंद्रीय गृह मंत्रालय की तरफ से पहले ही मंजूरी मिल चुकी है. इसे चालू वित्त वर्ष में ही पूरा किया जाना है. Also Read - Lockdown In Jammu and Kashmir: राज्य के 11 जिलों में 84 घंटे का लॉकडाउन

उन्होंने बताया कि जिला विकास आयुक्त शाहिद इकबाल चौधरी ने एक बैठक की अध्यक्षता की और संघर्ष विराम उल्लंघन के दौरान सीमावर्ती क्षेत्रों में रहने वाले लोगों की सुरक्षा के लिए बनाए जाने वाले पारिवारिक बंकरों, सामुदायिक बंकरों, सामुदायिक हॉलों और सीमावर्ती भवनों के निर्माण शुरू करने संबंधी व्यवस्थाओं की समीक्षा की. प्रवक्ता ने बताया कि नियंत्रण रेखा के 120 किलोमीटर लंबे हिस्से से सटे सात ब्लॉकों में कुल 5,196 बंकर बनाए जा रहे हैं. ये ब्लॉक सुंदरबानी, किला द्राहल, नौशेरा, डूंगी, राजौरी, पंजग्रेन और मांजाकोट शामिल हैं. Also Read - Shopian-Tral Encounter: जम्मू-कश्मीर में सुरक्षाबलों-आतंकियों के बीच मुठभेड़ जारी, अबतक पांच आतंकी मारे गए

उन्होंने बताया कि संघर्ष विराम उल्लंघनों की घटना के दौरान लोगों को ठौर उपलब्ध कराने के लिए नियंत्रण रेखा से तीन किलोमीटर के भीतर स्थित गांवों में 260 से ज्यादा सामुदायिक बंकर और 160 सामुदायिक हॉल भी बनाए जाएंगे. संघर्ष विराम उल्लंघनों के दौरान लोगों को पलायन करने या आपात स्थिति में जगह खाली करने को मजबूर होना पड़ता है. प्रवक्ता ने बताया कि सुंदरबनी, नौशेरा, डूंगी, राजौरी और मांजाकोट के सुरक्षित इलाकों में 10,000 से अधिक लोगों के रहने लायक सीमावर्ती भवन बनाए जाएंगे. Also Read - Jammu and Kashmir: जम्मू कश्मीर के शोपियां में मुठभेड़ में तीन आतंकवादी ढेर