नई दिल्ली: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सोमवार को केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल (सीआरपीएफ) के 82वें स्थापना दिवस पर बधाई देते हुए कहा कि यह अर्धसैनिक बल राष्ट्र को सुरक्षित रखने में सबसे आगे है. प्रधानमंत्री ने ट्वीट किया, “सीआरपीएफ जवानों को इस अर्धसैनिक बल के 82वें स्थापना दिवस पर बधाई. सीआरपीएफ हमारे राष्ट्र को सुरक्षित रखने में सबसे आगे है. इस बल के साहस और दक्षता की व्यापक रूप से प्रशंसा की जाती है.” उन्होंने सीआरपीएफ के लिए आगे आने वाले वर्षों में अधिक से अधिक ऊंचाइयां हासिल करने की कामना की.Also Read - Amar Jawan Jyoti: गणतंत्र दिवस 2022 से पहले अमर जवान ज्योति को राष्ट्रीय युद्ध स्मारक की लौ में मिलाने का सरकार फैसला

सीआरपीएफ, विशेष रूप से जम्मू-कश्मीर और नक्सल प्रभावित राज्यों में आंतरिक सुरक्षा प्रदान करने के लिए जाना जाता है. 27 जुलाई, 1939 को ब्रिटिश राज के तहत क्राउन प्रतिनिधि पुलिस के रूप में यह अस्तित्व में आया. आजादी के बाद, देश के पहले गृहमंत्री सरदार वल्लभभाई पटेल द्वारा 28 दिसंबर, 1949 को सीआरपीएफ अधिनियम को लागू करने के साथ सीआरपीएफ अस्तित्व में आया था. 3.5 लाख जवानों के साथ केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बल (सीएपीएफ) देश का सबसे बड़ा अर्धसैनिक बल है. Also Read - इंडिया गेट पर लगेगी नेताजी सुभाष चंद्र बोस की भव्य प्रतिमा, फिलहाल होलोग्राम स्टैच्यू दिखेगा; जानें क्या है होलोग्राम तकनीक

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यह पहली बार है कि बल कोविड-19 महामारी और शारीरिक दूरी प्रोटोकॉल के मद्देनजर इस साल के अपने स्थापना दिवस कार्यक्रम को जोर-शोर से नहीं मना रहा है. केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह ने सोमवार को यहां सीआरपीएफ मुख्यालय का दौरा किया और एक वीडियो लिंक के माध्यम से देश भर में तैनात सीआरपीएफ जवानों को संबोधित किया. उन्होंने सीआरपीएफ द्वारा तैयार किए गए तीन वृत्तचित्रों को भी जारी किया, जिसमें आंतरिक सुरक्षा में शामिल जवान ‘कोरोना वारियर्स’, पर्यावरण रक्षक और सैनिकों की भूमिका में नजर आ रहे हैं.