नई दिल्ली: केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल (सीआरपीएफ) ने सोमवार को श्रीनगर के लाल चौक से चार किलोमीटर दूर बेमिना से सात चीनी ग्रेनेड बरामद किए. अधिकारियों के अनुसार, बल की 73वीं बटालियन द्वारा सड़क खोलने के अभ्यास के दौरान हथगोले बरामद किए गए थे और उनको एनएच 44 के रोड डिवाइडर पर रखे गए रेत के थैले में रखा गया था. अधिकारियों ने आगे कहा कि राजमार्ग पर भारी भीड़ को देखते हुए, ग्रेनेड को साइट पर नहीं फैलाया गया और सुरक्षा प्रोटोकॉल और मानक संचालन प्रक्रिया का पालन करने के लिए बल और राज्य पुलिस के बम निरोधक दस्ते को सौंप दिया गया.Also Read - Bandipora Encounter: सुरक्षाबलों ने BJP नेता वसीम बारी के हत्यारे सहित दो आतंकियों को मार गिराया, जारी है मुठभेड़

सुरक्षा व्यवस्था में एक वरिष्ठ अधिकारी ने कहा कि यह पहला मौका नहीं है जब चीनी ग्रेनेड घाटी में पाया गया है, यह अतीत में कई मौकों पर बरामद किए गए है जो जम्मू-कश्मीर में विद्रोह की घटनाओं के पीछे पाकिस्तान के स्पष्ट हाथ का संकेत देते है. पाकिस्तान की सेना को लंबे समय से चीनी निर्मित हथियार और हथगोले मिलते रहे हैं और जम्मू-कश्मीर में उनकी बरामदगी से पता चलता है कि पाकिस्तान कैसे जम्मू और कश्मीर में शांति और विकास की गति को बिगाड़ना चाहता है. Also Read - CRPF Head Constable Recruitment 2021: 12वीं पास के लिए CRPF में इन पदों पर निकली वैकेंसी, जल्द करें आवेदन, होगी अच्छी सैलरी

खुफिया सूचनाओं ने संकेत दिया है कि चीन जम्मू-कश्मीर में आतंकी कैडर को हथियारों की तस्करी के लिए पाकिस्तानी सेना और उसकी खुफिया एजेंसी, इंटर सर्विसेज इंटेलिजेंस की मदद कर रहा है. Also Read - महबूबा मुफ्ती का बड़ा ऐलान, 'जम्मू-कश्मीर का आगामी विधानसभा चुनाव लड़ेगी पीडीपी'

चीन सैकड़ों राइफल, चीनी बुलेट-प्रूफ जैकेट और नाइट विजन उपकरणों जैसे अन्य गियर की आपूर्ति करता रहा है और आईएसआई ने ड्रोन के माध्यम से पंजाब और जम्मू-कश्मीर के विभिन्न क्षेत्रों में हथियार भेजने की कोशिश की है, जिन्हें हाल ही में जम्मू-कश्मीर में सुरक्षा बलों द्वारा मार गिराया गया था.

सुरक्षा एजेंसियों ने यह भी संकेत दिया है कि चीन उत्तर पूर्व क्षेत्रों के उग्रवादी संगठनों को हथियार और गोला-बारूद भेज रहा है, जिन्हें उनके द्वारा प्रशिक्षित किया गया है.

(इनपुट आईएएनएस)