नई दिल्ली: बिहार के राजगीर जिले में केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल (सीआरपीएफ) के भर्ती प्रशिक्षण केंद्र में ज्यादा गर्म पानी पीने से अपना मुंह जलने पर एक पुलिस उपमहानिरीक्षक ने पानी देने वाले जवान के चेहरे पर कथित तौर पर गर्म पानी फेंक दिया. अधिकारियों ने घटना की जांच के आदेश दे दिए हैं. बल की एक आधिकारिक सूचना में कहा गया है कि उपमहानिरीक्षक डी के त्रिपाठी संस्था में अधिकारी मेस में रुके हुए थे. उन्होंने यहां ड्यूटी पर तैनात कांस्टेबल अमोल खरात से पीने के लिए गर्म पानी मांगा.

इसके बाद कांस्टेबल ने एक थर्मस में उन्हें गर्म पानी दिया जिसे पीकर कथित तौर पर उनका मुंह जल गया. इस पर उन्होंने खरात को बुलाया. उनके बीच बहस हुई और इसके बाद उपमहानिरीक्षक ने कांस्टेबल के चेहरे और कपड़ों पर गर्म पानी ‘फेंक’ दिया. जवान को एक स्थानीय अस्पताल में भर्ती किया गया है. त्रिपाठी से संपर्क करने की कोशिश की गई लेकिन उन्होंने फोन कॉल और एसएमएस का जवाब नहीं दिया.

अधिकारियों ने बताया कि बल के महानिरीक्षक रैंक स्तर के अधिकारी से इस मामले की जांच कराने के आदेश दिए गए हैं और प्राथमिक तौर पर यह मामला ‘‘दुर्घटना’’ का है. जांच रिपोर्ट 10 जनवरी तक आने की संभावना है.

भूतपूर्व अर्धसैनिकों के एक संगठन ने कहा कि जवान पर ‘‘यह बयान देने के लिए दबाव बनाया जा रहा है कि जलने के निशान थर्मस से गर्म पानी गिरने की वजह आए.’’ संगठन ने कहा, ‘‘ जवान को परिवार के सदस्यों और सहकर्मियों से बात करने की अनुमति नहीं दी जा रही है. उसका फोन वरिष्ठ अधिकारियों ने छीन लिया है.’’