केंद्रीय संस्कृति मंत्रालय ने गुरुवार को राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) की सांस्कृतिक इकाई संस्कार भारती को अपना ‘नोबेल पुरस्कार’ शुरू करने की हरी झंडी दे दी। ये पुरस्कार शांति, मानवाधिकार, साहित्य, विज्ञान, शिक्षा, कला और अन्य क्षेत्रों के लिए दिए जाएंगे। मंत्रालय के सूत्रों ने आईएएनएस से कहा कि मंत्रालय ने ‘नैमिश्य सम्मान’ शुरू करने की मंजूरी दे दी है।

नोबेल पुरस्कार की तर्ज पर ऐसा पहला सम्मान राष्ट्रीय संस्कृति महोत्सव में दिया जाएगा जो संभवत: नवम्बर में वाराणसी में आयोजित होगा। ये भी पढ़ें: आरएसएस ने अपने गोवा प्रमुख सुभाष वेलिंगकर को पद से हटाया

ये पुरस्कार हर वर्ष दिए जाएंगे। इसके निर्णायक मंडल में विभिन्न क्षेत्रों की प्रमुख भारतीय एवं अंतर्राष्ट्रीय हस्तियां रहेंगी।

सूत्रों के अनुसार संस्कृति महोत्सव के लिए 220 करोड़ का बजट तय किया गया है। इसमें से करीब 70 करोड़ रुपये पुरस्कार के लिए रखे गए हैं और शेष कार्यक्रम के लिए हैं।

राष्ट्रीय संस्कृति महोत्सव राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ का विचार और संस्कृति मंत्रालय की एक पहल है।