नई दिल्ली। पंजाब नेशनल बैंक घोटाले ने सेंट्र्ल विजिलेंस कमीशन यानि सीवीसी को भी सक्रिय कर दिया है. इसे लेकर आज सीवीसी ने आरबीआई, पीएनबी अधिकारियों, वित्त मंत्रालय के अधिकारियों और सीबीआई के साथ बैठक की. सीवीसी ने बैंक से जिम्मेदार अफसरों, स्टाफ का नाम बताने को कहा है. Also Read - राहुल गांधी ने अनुराग कश्‍यप और तापसी पन्‍नू पर IT Raid को लेकर सरकार पर कसा तंज

Also Read - RBI Recruitment 2021: भारतीय रिजर्व बैंक में इन विभिन्न पदों पर निकली वैकेंसी, आवेदन प्रक्रिया आज से हुई शुरू, जल्द करें अप्लाई

एएनआई के मुताबिक, सीवीसी ने पीएनबी और वित्त मंत्रालय के अधिकारियों को निर्देश दिया कि इस बारे में एक रिपोर्ट दी जाए कि सही मौद्रिक सिस्टम होने के बावजूद इतने बड़े घोटाले को कैसे अंजाम दे दिया गया. सीवीसी ने इसके लिए अधिकारियों को 10 दिन का वक्त दिया है. Also Read - RBI Grade B Admit Card 2021 Released: RBI ने जारी किया Grade B का एडमिट कार्ड, ये है डाउनलोड करने का Direct Link

बैठक के दौरान पीएनबी, आरबीआई और वित्त विभागों ने सीवीसी को 2 घंटे का प्रेजेंटेशन दिया जिसमें केस के बारे में सिलसलेवार जानकारी दी गई. सीवीसी ने बैंकों से जिम्मेदार अधिकारियों के नाम मांगे जो इस घोटाले में शामिल हैं. साथ ही उन अधिकारियों की पहचान करने को भी कहा जो एक्शन ले सकते थे और घोटाले को रोक सकते थे.

पढ़ें- पीएनबी ही नहीं, आम लोग भी हुए हैं नीरव-मेहुल की धोखाधड़ी का शिकार

बैंकों और वित्त मंत्रालय के अधिकारियों से मुलाकात के बाद सीवीसी ने सीबीआई अधिकारियों के साथ भी बैठक की. इस दौरान सीबीआई ने कहा कि ये घोटाला एक तरह से बहुस्तरों पर सिस्टम के फेल हो जाने का नतीजा है.

कहां हैं नीरव-मेहुल?  

बता दें कि नीरव मोदी और मेहुल चोकसी 11400 करोड़ का पीएनबी घोटाले को अंजाम देकर विदेश फरार हो चुके हैं. अब तक इनकी लोकेशन का पता नहीं चल पाया है. इस बीच ईडी और सीबीआई इनकी कंपनियों पर ताबड़तोड़ छापे मार रही है. ईडी ने अब तक करीब साढ़े पांच हजार करोड़ की संपत्ति जब्त की है जिसमें बड़ी तादाद में सोने-हीरे के जवाहरात और कीमती पत्थर शामिल हैं. एजेंसियों की जांच जैसे जैसे आगे बढ़ रही है, इनके बाकी कारनामों का भी खुलासा हो रहा है. इस घोटाले के बाद पता चला है कि इनकी कंपनियां किस कदर खस्ता हालत में थी. इन दोनों के पासपोर्ट भी सस्पेंड किए जा चुके हैं. इसके बावजूद दिन रात जांच जुटी एजेंसियों को भी अभी तक ये पता नहीं चल पाया है कि दोनों किस देश में हैं.