नई दिल्ली: पंजाब नेशनल बैंक में हुए 11400 करोड़ के घोटाले ने पूरे देश को हिला कर रख दिया है. इस घोटाले के बाद बाद सेंट्रल विजिलेंस कमीशन (सीवीसी) ने सभी बैंकों को उन अधिकारियों के ट्रांसफर का आदेश दिया है, जो एक ही शाखा में तीन साल से अधिक समय से जमे हैं. सीवीसी के अनुसार बैंक ऐसे सभी ट्रांसफर के बाद उनको इसकी सूचना भी दें. Also Read - रिकॉर्ड ऊंचाई को छूने के बाद 29 करोड़ डॉलर घटा भारत का विदेशी मुद्रा भंडार, जानिए अभी कितना है?

अधिकारी का हर तीन साल में होगा रोटेशन Also Read - PNB Scam: भगोड़े हीरा कारोबारी नीरव मोदी की रिमांड 7 जनवरी तक बढ़ाई गई

सीवीसी के निर्देशों के मुताबिक हरेक अधिकारी का हर तीन साल में रोटेशन होना चाहिए. ऐसे में बैंक स्थानांतरण के नियमों के मुताबिक कोई भी अधिकारी एक पद पर तीन साल से ज्यादा एक शाखा में नहीं रहना चाहिए. हर अधिकारी की पोस्टिंग तीन साल में अनिवार्य तौर पर करने के निर्देश जारी किए गए हैं. Also Read - PNB Scam: ब्रिटेन की अदालत ने भगोड़े हीरा कारोबारी नीरव मोदी की हिरासत अवधि 29 दिसंबर तक बढ़ाई

क्लर्क समेत अन्य स्टाफ की सेवाएं भी पांच वर्ष से अधिक नहीं

सीवीसी के अनुसार क्लर्क समेत अन्य स्टाफ की सेवाएं भी पांच वर्ष से अधिक एक ब्रांच में नहीं होनी चाहिए. विभिन्न बैंकों द्वारा यह निर्देश सभी महाप्रबंधकों, उप महाप्रबंधकों, क्षेत्रीय प्रबंधक, उप क्षेत्रीय प्रबंधक और प्रबंधकों को भेजे गए हैं.

सीवीसी ने 31 दिसंबर 2017 को दिए थे निर्देश
सीवीसी ने 31 दिसंबर 2017 में बैंकों के अधिकारियों के रोटेशन के संबंध में दिशा-निर्देश जारी किए थे. इनमें कहा गया था कि 31 दिसंबर की तारीख से तीन साल पूरा करने वाले सभी अधिकारियों का सार्वजनिक बैंक अन्यत्र कहीं स्थानांतरित करें.

अन्य स्टाफ को भी पांच साल पूरा होते ही स्थानांतरित किया जाए. बैंकों को यह दिशा-निर्देश जारी कर सीवीसी ने उसे तत्काल सूचित करने को भी कहा था. हालांकि वित्त मंत्रालय के सूत्रों की माने बैंकों की ओर से अब तक सीवीसी को इस बारे में सूचित नहीं किया गया.